सेहत ही नहीं, मूड भी ठीक करती है सूरज की रोशनी, गर्मियों में इन बातों का रखें ध्यान

सूरज की रोशनी से सेहत और मूड दोनों बेहतर रहते हैं, गर्मियों में इन बातों का ध्यान रखें।

Update: 2026-03-10 09:15 GMT

नई दिल्ली: जैसे ही सर्दियों का मौसम अपने अंतिम दिनों में पहुंचता है, गर्मियों की आहट लोगों के जीवन में महसूस होने लगती है। गर्मियों में धूप लेना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि सर्दियों में धूप सेंकना। हालांकि, गर्मियों में धूप लेने का तरीका और समय सही होना बेहद जरूरी है, क्योंकि तेज और अनियंत्रित धूप त्वचा को नुकसान भी पहुँचा सकती है।

सूरज की किरणें सिर्फ गर्माहट ही नहीं देतीं, बल्कि सेहत और मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने का प्राकृतिक माध्यम भी हैं। नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, सूर्य की रोशनी शरीर में विटामिन डी के उत्पादन को बढ़ाती है। विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाता है, जोड़ों के दर्द को कम करता है और मेटाबॉलिक फंक्शन को बेहतर बनाए रखता है। इसके साथ ही यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर शरीर को संक्रमण और बीमारियों से बचाता है।

गर्मियों में सूरज की किरणों का सही समय और तरीका अपनाना जरूरी है। सुबह के समय थोड़ी धूप लेने से सेरोटोनिन हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जिससे मूड अच्छा रहता है और डिप्रेशन या एंग्जायटी जैसी मानसिक समस्याएं कम होती हैं। इसके अलावा, यह दिल की सेहत को भी बनाए रखता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है और वजन प्रबंधन में मदद करता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन डी के लिए सुबह 7 बजे से लेकर 9 बजे तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस समय सूरज की किरणें त्वचा के लिए सबसे प्रभावी होती हैं और 10 से 20 मिनट की धूप पर्याप्त होती है। इससे त्वचा जलने या सनबर्न जैसी समस्याओं का खतरा कम रहता है। गर्मियों में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक की तेज धूप से बचना चाहिए। इस दौरान हल्के कपड़े पहनें, टोपी या छाता का इस्तेमाल करें और पर्याप्त पानी पिएं।

धूप के दौरान शरीर के खुले हिस्सों जैसे चेहरे, हाथ और पैर को सीधे सूर्य की रोशनी में लाएं, लेकिन चेहरे पर सनस्क्रीन का उपयोग करना न भूलें। रोजाना थोड़े समय के लिए बालकनी में बैठना या सुबह खुली जगह पर टहलना शरीर को मजबूत बनाने का सबसे प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका है। नियमित रूप से सुबह की धूप लेने से शरीर और मन दोनों में ऊर्जा बनी रहती है, और दिन की शुरुआत तरोताजा और सक्रिय तरीके से होती है।

इस प्रकार, गर्मियों में धूप लेने के सही समय और तरीकों को अपनाकर न केवल शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और मूड को भी संतुलित रखा जा सकता है। यह प्राकृतिक उपाय दवा के बिना सेहत और खुशी दोनों सुनिश्चित करता है। (With inputs from IANS)

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