विवेक रंजन ने बताया फिटनेस का राज: प्लांट-बेस्ड डाइट और ‘सात्विक लाइफ’

व्यस्त जीवनशैली में फिट रहने को लेकर फिल्ममेकर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने अपनी दिनचर्या बताई।

Update: 2026-02-06 04:30 GMT

आज की तेज़ रफ्तार और अनियमित जीवनशैली में खुद को स्वस्थ रखना आसान नहीं रह गया है। काम का दबाव, गलत खानपान और तनाव के कारण लोग अपनी सेहत को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। ऐसे माहौल में फिल्म निर्माता और निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने अपनी फिटनेस और स्वास्थ्य से जुड़ी सोच साझा की है, जो कई लोगों के लिए प्रेरणादायक हो सकती है।

विवेक रंजन अग्निहोत्री का मानना है कि अच्छी सेहत का असली मंत्र एक मिनिमलिस्ट और सात्विक जीवनशैली में छिपा है। वह बताते हैं कि “सात्विक” शब्द को अक्सर लोग धार्मिक या खानपान की सीमाओं से जोड़ देते हैं, लेकिन असल में इसका वैज्ञानिक अर्थ है — ऐसा भोजन और जीवनशैली, जिससे शरीर में सूजन या इंफ्लेमेशन न हो।

उनके अनुसार, ज्यादा मसालेदार, तला-भुना और तेलयुक्त भोजन शरीर में तनाव बढ़ाता है और कई बीमारियों की जड़ बनता है। इसलिए वह बेहद साधारण और प्राकृतिक भोजन को प्राथमिकता देते हैं। उनका खानपान पूरी तरह प्लांट-बेस्ड है, जिसमें फल, सब्ज़ियां, दालें और अनाज शामिल हैं। विवेक रंजन कहते हैं कि दुनिया के कई बड़े डॉक्टरों और नोबेल पुरस्कार विजेताओं की दशकों पुरानी रिसर्च यह साबित करती है कि प्लांट-बेस्ड डाइट सबसे ज्यादा फायदेमंद होती है।

वह यह भी बताते हैं कि अगर किसी जगह उन्हें अपनी पसंद का सात्विक भोजन नहीं मिलता, तो वह खाना छोड़ देना बेहतर समझते हैं और उपवास कर लेते हैं। उनके लिए शरीर को नुकसान पहुंचाने से बेहतर है कुछ समय भूखा रहना।

योग को लेकर भी विवेक रंजन की सोच अलग है। वह बताते हैं कि पतंजलि योग में “आसन” का अर्थ किसी कठिन मुद्रा से नहीं, बल्कि शरीर और मन की सबसे आरामदायक स्थिति से है। यही सिद्धांत वह अपने जीवन में भी अपनाते हैं — ऐसा जीवन जीना जो सहज, सरल और तनावमुक्त हो।

इसके अलावा, वह इंटरमिटेंट फास्टिंग को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा मानते हैं। रात को जल्दी भोजन करना और सुबह देर तक कुछ न खाना उनके परिवार की पुरानी आदत रही है। इससे शरीर को 12 से 16 घंटे का आराम मिलता है और पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है।

विवेक रंजन यह भी मानते हैं कि स्वस्थ जीवन के लिए मन पर नियंत्रण बेहद जरूरी है। वह ज़रूरत से ज़्यादा चीजें खरीदने में विश्वास नहीं रखते। हालांकि किताबों के प्रति उनका प्रेम अलग है। उनके पास बड़ी संख्या में किताबें हैं, जिन्हें वह अब दूसरों के साथ साझा कर रहे हैं।

उनका कहना है कि सादा जीवन, संतुलित भोजन और मानसिक शांति ही असली फिटनेस का आधार है।

With Inputs From IANS

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