14 साल की लड़कियों के लिए राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू, गार्डासिल-4 वैक्सीन सरकारी केंद्रों पर मुफ्त उपलब्ध
14 साल की लड़कियों के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू।
नई दिल्ली: भारत सरकार ने 14 वर्ष की लड़कियों के लिए राष्ट्रव्यापी एचपीवी (मानव पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यह अभियान 28 फरवरी 2026 से पूरे देश में शुरू किया गया और इसका उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर जैसी एचपीवी से संबंधित बीमारियों की रोकथाम करना है।
यह पहल स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी संसदीय स्थायी समिति की 72वीं रिपोर्ट में दिए गए सुझावों के आधार पर की गई सुधारों को लागू करने का परिणाम है, जिन्हें समिति ने अपनी 81वीं रिपोर्ट में संज्ञान में लिया।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में लिखित उत्तर में बताया कि पिछले एक दशक में स्वास्थ्य अनुसंधान और क्लिनिकल परीक्षणों के नियामक ढांचे को मजबूत किया गया है।2019 में लागू 'नई दवाएं और क्लिनिकल परीक्षण नियम' (एनडीसीटीआर) के तहत नई दवाओं की मंजूरी प्रक्रिया और क्लिनिकल परीक्षणों का संचालन सुचारू और पारदर्शी बनाया गया। इसके साथ ही नैतिक समितियों का स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) में पंजीकरण अनिवार्य किया गया। डीएचआर और सीडीएससीओ ने 'नैतिक' और 'सुगम' पोर्टल शुरू किया, जिसके माध्यम से सभी नैतिक समितियों का ऑनलाइन पंजीकरण सुनिश्चित किया जाता है।
क्लिनिकल परीक्षण में प्रतिभागियों के नामांकन से पहले सीटीआरआई पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है।
आईसीएमआर ने 2017 में राष्ट्रीय नैतिक दिशानिर्देशों को अपडेट किया, जिसमें कमजोर वर्गों की सुरक्षा, वैज्ञानिक वैधता, जोखिम न्यूनीकरण, सुरक्षा निगरानी और फॉलो-अप पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए स्क्रीनिंग समिति की एसओपी में संशोधन किया गया।
टीकाकरण अभियान में गार्डासिल-4 वैक्सीन की एकल खुराक सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप-जिला और जिला अस्पतालों तथा सरकारी मेडिकल कॉलेजों पर मुफ्त उपलब्ध कराई गई है।
यह टीकाकरण मेडिकल अधिकारियों की उपस्थिति में होता है और सभी केंद्रों में टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटनाओं (AEFI) के प्रबंधन की व्यवस्था है। अभियान स्वैच्छिक है, लेकिन माता-पिता की लिखित सहमति अनिवार्य है। लाभार्थी यू-डब्ल्यूआईएन प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कर सकते हैं।
इस व्यापक अभियान के तहत 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चिकित्सा और पैरामेडिकल कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि सभी लाभार्थियों को सुरक्षित और प्रभावी टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। इस पहल से देश में सर्वाइकल कैंसर और अन्य एचपीवी से संबंधित बीमारियों को रोकने में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है। (With inputs from IANS)