Chickenpox Vaccine: क्या आपके बच्चे को लगा 'छोटी माता' का टीका? जानें क्यों जरूरी है चिकनपॉक्स वैक्सीन और इसके फायदे
चिकनपॉक्स का टिका लगवाना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे आप इस बीमारी से बच सकते हैं.
चिकनपॉक्स यानी चेचक पहले आप अक्सर घरों में इस बीमारी के बारे में सुनते होंगे. गांव घर में इसे छोटी माता भी कहते हैं. यह एक संक्रामक बीमारी है जिसे अब एक आसान टीके से रोका जा सकता है. अब वैक्सीन की उपलब्धता ने इन आंकड़ों को बदल दिया है. चिकनपॉक्स या वेरिसेला एक ऐसी बीमारी है जो वेरिसेला-जोस्टर वायरस के कारण होती है. हालांकि कई लोग इसे एक नॉर्मल बीमारी की मानते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह जानलेवा भी साबित हो सकती है. इसलिए चिकनपॉक्स वैक्सीन एक ऐसा सुरक्षा कवच है जो शरीर को इस वायरस से लड़ने के लिए तैयार करता है.
क्या है चिकनपॉक्स वैक्सीन?
यह वैक्सीन एक जिंदा लेकिन कमजोर (Attenuated) वायरस से बना होता है. जब यह शरीर में इंजेक्ट किया जाता है, तो यह बीमारी पैदा नहीं करता, लेकिन शरीर के इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को उत्तेजित करता है. इससे शरीर में एंटीबॉडीज बन जाती हैं, जो फ्यूचर में असली वायरस के हमले से सुरक्षा देती हैं.
वैक्सीन लगवाना क्यों जरूरी है?
चिकनपॉक्स आमतौर पर 5 से 10 दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन इसके खतरे को कम नहीं समझना चाहिए. वैक्सीन आने से पहले हर साल हजारों लोग इस बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती होते थे. छोटे बच्चे, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह जानलेवा हो सकता है. यह वायरस हवा (खांसने या छींकने) और फफोलो के सीधे संपर्क से बहुत तेजी से फैलता है. दाने निकलने से 1-2 दिन पहले ही मरीज दूसरों को संक्रमित कर सकता है. शरीर पर 200 से 500 खुजलीदार फफोले, सिरदर्द और बुखार बच्चे को कई दिनों तक बेहद असहज बना देते हैं.
वैक्सीन की कितनी खुराक (Dose) जरूरी हैं?
बेहतर सुरक्षा के लिए चिकनपॉक्स के टीके की दो खुराक दी जाती हैं. पहली खुराक 12 से 15 महीने की उम्र में और दूसरी खुराक 4 से 6 साल की उम्र में. अगर बचपन में टीका नहीं लगा है, तो बड़े लोगों को 4 से 8 हफ्तों के अंतराल पर दो इंजेक्शन लगवाने चाहिए.
क्या इस वैक्सीन के कोई साइड इफेक्ट्स हैं?
किसी भी अन्य दवा की तरह इसके भी कुछ मामूली प्रभाव हो सकते हैं, जो आमतौर पर 1-2 दिन में ठीक हो जाते हैं. इंजेक्शन वाली जगह पर हल्का दर्द, लाली या सूजन.हल्का बुखार या शरीर पर छोटे-छोटे दाने. गंभीर दुष्प्रभाव Rare हैं.