मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में एचपीवी टीकाकरण अभियान को मिली रफ्तार, बड़ी संख्या में पहुंच रहे परिवार

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान तेज हो गया है

Update: 2026-03-14 05:30 GMT

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान तेजी पकड़ता जा रहा है। जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर बड़ी संख्या में परिवार अपनी बेटियों को टीका लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखना है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत किशोरियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) का टीका लगाया जा रहा है। यह टीका सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए प्रभावी माना जाता है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग लोगों के बीच टीकाकरण को लेकर फैली गलतफहमियों और डर को दूर करने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी चला रहा है। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर जागरूकता शिविर, मीडिया कार्यशालाएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें।

जिला टीकाकरण अधिकारी वाई.बी. शास्त्री ने बताया कि देश में एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अजमेर से की गई थी। इसके बाद अब यह अभियान धीरे-धीरे देश के अलग-अलग हिस्सों में लागू किया जा रहा है। बुरहानपुर जिले में भी इस पहल के तहत व्यापक स्तर पर टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीन को लेकर लोगों में अभी भी हिचकिचाहट और कई तरह की भ्रांतियां मौजूद हैं। कई परिवार टीके के बारे में पूरी जानकारी नहीं होने के कारण संकोच करते हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दे रहा है, ताकि लोग सही जानकारी प्राप्त कर सकें और बिना डर के अपनी बेटियों का टीकाकरण करवा सकें।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह अभियान लगभग 14 वर्ष की आयु की किशोरियों को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य उन्हें समय रहते टीका देकर सर्वाइकल कैंसर के खतरे से बचाना है। जिले में यह अभियान अगले तीन महीनों तक जारी रहेगा और इस दौरान अधिक से अधिक किशोरियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

अधिकारियों के मुताबिक जिले में 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी करीब 9,084 किशोरियों का टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा स्कूलों और समुदाय स्तर पर भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

वाई.बी. शास्त्री ने अभिभावकों से अपील की है कि वे टीकाकरण को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों या गलत धारणाओं पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि टीकाकरण का उद्देश्य शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को मजबूत करना होता है और यह स्वास्थ्य सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एचपीवी वैक्सीन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करती है और सर्वाइकल कैंसर से बचाव में काफी प्रभावी मानी जाती है। इसके दुष्प्रभाव भी बहुत कम और सामान्य होते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि एचपीवी वायरस ही सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है और भारत में यह महिलाओं में पाया जाने वाला दूसरा सबसे घातक कैंसर माना जाता है।

डॉक्टरों का कहना है कि समय पर लगाया गया यह टीका लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान कर सकता है और लगभग 10 वर्षों तक शरीर को इस वायरस से बचाने में मदद करता है। इसलिए विशेषज्ञ अभिभावकों से अपील कर रहे हैं कि वे अपनी बेटियों को इस टीकाकरण अभियान का लाभ जरूर दिलाएं, ताकि भविष्य में गंभीर बीमारियों के खतरे को कम किया जा सके।

With Inputs From IANS

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