TB Breakthrough: टीबी के खिलाफ जंग में बड़ी उम्मीद! नए फेज-III ट्रायल और 'गेम-चेंजर' वैक्सीन से बदलेगी दुनिया
TB के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में वर्षों के इंतजार के बाद अब एक नया उत्साह देखने को मिल रहा है.
हाल ही दुनिया भर में टीबी की बीमारियों को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए जगह-जगह पर कैंप लगाया. TB के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में वर्षों के इंतजार के बाद अब एक नया उत्साह देखने को मिल रहा है. जहां पिछले कुछ सालों में टीबी की दवाओं के विकास की गति धीमी रही थी, वहीं अब एक नई वैक्सीन और दो आधुनिक उपचार अपने फाइनल फेज के (Phase III) ट्रायल्स में पहुंच चुके हैं. 24 मार्च, वर्ल्ड टीबी डे के अवसर पर यह खबर दुनिया के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है.
M72/AS01E: वयस्कों के लिए पहली प्रभावी वैक्सीन?
फिलहाल टीबी के लिए एकमात्र लाइसेंस प्राप्त वैक्सीन BCG है, जो 100 साल पुरानी है. हालांकि, यह मेन तौर पर बच्चों पर असरदार है. गेट्स फाउंडेशन अब M72/AS01E वैक्सीन का फेज-III ट्रायल कर रहा है. शुरुआती ट्रायल्स में इसने संक्रमण के मामलों को आधा (50%) करने में सफलता पाई है. अगर यह सफल रही, तो यह वयस्कों और किशोरों के लिए दुनिया की पहली प्रभावी टीबी वैक्सीन होगी. मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट टीबी (MDR-TB) का इलाज वर्तमान में काफी लंबा (6 महीने से 2 साल तक) और दर्दनाक होता है. इसके सुधार के लिए दो दवाओं पर काम चल रहा है.
Sudapyridine (सुडापायरीडीन): चीन में इसका परीक्षण चल रहा है. इसे मौजूदा दवा 'बेडाक्विलिन' (Bedaquiline) के एक सही और सुरक्षित ऑप्शन के रूप में देखा जा रहा है. रिसर्चर का मानना है कि यह कम साइड-इफेक्ट्स के साथ उतनी ही प्रभावी है.
Quabodepistat (क्वाबोडेपिस्टैट): ओत्सुका फार्मास्युटिकल इस दवा का परीक्षण कर रही है. इसका उद्देश्य टीबी के इलाज के समय को 6 महीने से घटाकर मात्र 4 महीने करना है. यह न केवल इलाज को छोटा करेगी, बल्कि शरीर पर दवाओं के जहरीले प्रभाव (Toxicity) को भी कम करेगी.
कई चुनौतियां अभी बाकी
WHO की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, टीबी आज भी दुनिया में संक्रामक बीमारियों से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है. ग्लोबल डेटा के अनुसार, 2033 तक टीबी के मामलों में और वृद्धि होने की संभावना है. ऐसे में PRISM और UNITE4TB जैसे प्रोग्राम दवाओं के नए संयोजनों (Combinations) पर काम कर रहे हैं ताकि इलाज को अधिक व्यक्तिगत और सटीक बनाया जा सके.