तीस हजारी कोर्ट में CAPS कैंप के माध्यम से कैंसर जागरूकता और स्क्रीनिंग को बढ़ावा

दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट द्वारा तीस हजारी कोर्ट कॉम्प्लेक्स में कैंसर जागरूकता और स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया गया

Update: 2026-03-11 15:45 GMT

दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट द्वारा तीस हजारी कोर्ट कॉम्प्लेक्स, दिल्ली में कैंसर जागरूकता, रोकथाम और स्क्रीनिंग (CAPS) कैंप का आयोजन किया गया. इस कैंप का उद्देश्य कोर्ट स्टाफ के बीच कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना और शुरुआती जांच के महत्व को प्रोत्साहित करना था.इस कार्यक्रम में सुश्री अंजू बजाज चंदना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश (मुख्यालय) / चेयरपर्सन, सेंट्रल डीएलएसए, सुश्री अदिति चौधरी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पश्चिम) / चेयरपर्सन, वेस्ट डीएलएसए, श्री अभितेश कुमार, सचिव, सेंट्रल डीएलएसए, श्री संकल्प कपूर, वेस्ट डीएलएसए तथा सुश्री रुचिका सिंगला, जिला न्यायाधीश की गरिमामयी उपस्थिति रही।

मुफ्त कैंसर स्क्रीनिंग, विशेषज्ञ परामर्श, जागरूकता

कैंप के दौरान प्रतिभागियों को कई स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं, जिनमें मुफ्त कैंसर स्क्रीनिंग, विशेषज्ञ परामर्श, जागरूकता सत्र, मैमोग्राफी तथा एचपीवी-डीएनए परीक्षण शामिल थे। दोपहर तक कैंप में 09 मैमोग्राफी जांच और 27 एचपीवी-डीएनए टेस्ट किए जा चुके थे. कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए ब्रेस्ट सेल्फ-एग्जामिनेशन की जानकारी भी दी गई, ताकि वे नियमित रूप से स्वयं जांच कर सकें और शुरुआती लक्षणों को पहचान सकें.

समय पर जांच ही स्तन और सर्वाइकल कैंसर को रोक सकती है

कैंप से एक दिन पहले स्तन और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल तथा एचपीवी वैक्सीनेशन के महत्व पर एक ऑनलाइन जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया था. दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. प्रज्ञा शुक्ला ने शुरुआती जांच के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “नियमित स्क्रीनिंग और समय पर जांच ही स्तन और सर्वाइकल कैंसर के बोझ को कम करने के सबसे प्रभावी साधन हैं. सेल्फ-एग्जामिनेशन, एचपीवी वैक्सीनेशन और स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल का पालन करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं और कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं.”

सुश्री अंजू बजाज चांदना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश (मुख्यालय) / चेयरपर्सन, सेंट्रल डीएलएसए ने कहा कि लोग अक्सर कैंसर स्क्रीनिंग कराने से डरते हैं। उन्हें यह भय रहता है कि कहीं उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव न आ जाए। उन्होंने कहा कि “अगर ऐसा हो गया तो?” का डर ही सबसे बड़ा कारण है, जिसकी वजह से लोग समय पर स्क्रीनिंग कराने से बचते हैं. CAPS पहल का उद्देश्य समुदाय में कैंसर की रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय पर स्क्रीनिंग को प्रोत्साहित करते हुए निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है जिसके लिए संस्था प्रतिबद्ध है.

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