भारत के 'HPV टीकाकरण अभियान' की दुनिया भर में गूंज, WHO ने दी बधाई, कहा, "दुनिया के लिए मिसाल बनेगा यह कदम"

HPV टीकाकरण अभियान की सराहना हो रही है. WHO के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र ने भारत को इस ऐतिहासिक कदम बताया है

Update: 2026-03-03 05:45 GMT

भारत सरकार द्वारा सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) को रोकने के लिए शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण अभियान की वैश्विक स्तर पर सराहना हो रही है.विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र ने भारत को इस ऐतिहासिक कदम के लिए बधाई दी है और इसे महिला स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक "बड़ा मील का पत्थर" बताया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने हाल ही में राजस्थान के अजमेर से इस अभियान की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य देश की करोड़ों किशोरियों को इस जानलेवा बीमारी से बचाना है.

WHO की सराहना, ग्लोबल लेवल पर पड़ेगा बड़ा प्रभाव

WHO दक्षिण-पूर्व एशिया की अधिकारी-प्रभारी डॉ. कैथरीन बोहमे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर भारत के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उच्चतम सरकारी लेवल पर शुरू किया गया यह अभियान किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है. भारत द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर इस वैक्सीन की शुरुआत न केवल देश के लिए, बल्कि पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र और दुनिया के लिए प्रगति को गति देगी. अब इस क्षेत्र के 10 में से 9 देशों ने अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों में HPV वैक्सीन को शामिल कर लिया है, जो इस बीमारी को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक बड़ी जीत है.


चुनौती और 2030 का '90-70-90' लक्ष्य

डॉ. बोहमे ने याद दिलाया कि सर्वाइकल कैंसर दुनिया भर में हर दो मिनट में एक महिला की जान लेता है. WHO सदस्य देशों को 2030 के वैश्विक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समर्थन दे रहा है. 15 वर्ष की आयु तक 90% लड़कियों का टीकाकरण करना. 35 और 45 वर्ष की आयु तक 70% महिलाओं की जांच करना. प्री-कैंसर या कैंसर से पीड़ित 90% महिलाओं को उचित उपचार सुनिश्चित करना.

पीएम मोदी का संकल्प: "स्वस्थ नारी, सशक्त नारी"

अभियान की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार देश की बेटियों के स्वास्थ्य और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है. यह वैक्सीन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क प्रदान की जाएगी. इस कार्यक्रम के माध्यम से हर साल लगभग 1.15 करोड़ लड़कियों (जो 14 वर्ष की हैं) को लक्षित किया जाएगा.

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