जन औषधि दिवस : पीएम मोदी ने कहा, 'हर नागरिक को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता'

पीएम मोदी ने सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की प्रतिबद्धता जताई।

Update: 2026-03-07 06:30 GMT

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन औषधि दिवस 2026 के अवसर पर जनता को अपनी शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह पहल हर नागरिक तक सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना ने अनगिनत परिवारों को स्वास्थ्य देखभाल में खर्चों की बचत करने और उचित उपचार प्राप्त करने का अवसर दिया है।

उन्होंने यह भी साझा किया कि इस योजना का प्रभाव केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में स्थानीय उद्यमियों और समुदायों को सशक्त बनाने में भी मदद कर रहा है। ‘माईगव इंडिया’ के अनुसार, जन औषधि केंद्र लाखों लोगों की जिंदगी में सुधार ला रहे हैं, क्योंकि ये सुनिश्चित करते हैं कि जरूरी दवाइयाँ किफायती दामों पर उपलब्ध हों।

देशभर में हजारों जन औषधि केंद्रों के माध्यम से आम नागरिक 50–80 प्रतिशत तक सस्ती दवाइयाँ प्राप्त कर रहे हैं। इन केंद्रों से अब तक लोगों ने लगभग 40,000 करोड़ रुपए की बचत की है। प्रतिदिन लगभग 15 लाख लोग इन केंद्रों से गुणवत्तापूर्ण और किफायती दवाइयाँ खरीदते हैं, जो इस योजना पर जनता के भरोसे को दर्शाता है।

पिछले 12 वर्षों में, जन औषधि केंद्रों का नेटवर्क 80 से बढ़कर 18,000 तक पहुंच गया है। इन केंद्रों की बिक्री 2014 में 7.29 करोड़ रुपए से बढ़कर अब 2,000 करोड़ रुपए से अधिक हो गई है। यहां 2,110 से अधिक दवाइयां, 315 सर्जिकल उत्पाद और 29 उपचार श्रेणियों की जरूरी दवाइयाँ उपलब्ध हैं, ताकि हर नागरिक को एक ही जगह सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।

साथ ही, जन औषधि केंद्रों पर सैनेटरी पैड्स मात्र 1 रुपए प्रति पैड की दर से उपलब्ध हैं, और अब तक 100 करोड़ से अधिक पैड्स की बिक्री हो चुकी है, जिससे महिलाओं की स्वच्छता, स्वास्थ्य और सम्मान को बढ़ावा मिल रहा है। इस योजना के तहत, नए केंद्रों में लगभग 60 प्रतिशत केंद्र महिलाओं द्वारा संचालित हैं, जो महिलाओं के नेतृत्व और सशक्तिकरण को दर्शाता है।

पीएम मोदी ने यह भी जोर देकर कहा कि सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की उपलब्धता केवल स्वास्थ्य सुधार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में विश्वास, सुरक्षा और समानता की भावना को भी मजबूत करती है। (With inputs from IANS)

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