लंदन के स्कूलों में खसरे (Measles) का तांडव, तेजी से फैल रहा है संक्रमण, कई बच्चे अस्पताल में भर्ती
उत्तरी लंदन के कई स्कूलों में "तेजी से फैलने वाले" खसरे के प्रकोप ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है.
उत्तरी लंदन के कई स्कूलों में "तेजी से फैलने वाले" खसरे के प्रकोप ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है. स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, अब तक कम से कम 34 बच्चे इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं. यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) ने पुष्टि की है कि जनवरी के महीने में एनफील्ड (Enfield) से ये मामले सामने आए हैं. स्थानीय विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी उन बच्चों में अधिक गंभीर रूप ले रही है जिनका पूर्ण टीकाकरण नहीं हुआ है.
अस्पताल में भर्ती होने का बढ़ा खतरा
एक स्थानीय क्लिनिक (GP surgery) के अनुसार, संक्रमित होने वाले हर पांच में से एक बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है. राहत की बात यह है कि ये सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं, लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अस्पताल में भर्ती होने वाले सभी बच्चों ने टीकाकरण (Immunisation) पूरा नहीं किया था. एनफील्ड और पड़ोसी हैरिंगी (Haringey) के कम से कम सात स्कूलों में संक्रमण की पुष्टि हुई है. साल के पहले महीने में पूरे इंग्लैंड में आए कुल 96 मामलों में से एक तिहाई से ज्यादा मामले अकेले एनफील्ड से हैं. यह प्रकोप मुख्य रूप से स्कूलों और नर्सरी में जाने वाले 10 वर्ष से कम उम्र के उन बच्चों को प्रभावित कर रहा है जिन्हें टीका नहीं लगा है.
टीकाकरण ही एकमात्र बचाव
UKHSA की डॉ. वेनेसा सालिबा ने कहा, "खसरा किसी भी बच्चे के लिए एक गंभीर बीमारी हो सकती है. कुछ मामलों में यह लंबे समय की जटिलताओं और दुखद मृत्यु का कारण भी बन सकता है. हालांकि, MMRV वैक्सीन की दो खुराक से इसे आसानी से रोका जा सकता है." अधिकारियों ने परिवारों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द बच्चों का टीकाकरण पूरा करें, विशेष रूप से वे लोग जो ईस्टर की छुट्टियों में विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, क्योंकि यूरोप के कई हिस्सों में खसरा फैला हुआ है.
खसरे के लक्षण जिन्हें पहचानना जरूरी है
- खसरा एक अत्यधिक संक्रामक रोग है जो खांसने, छींकने या संक्रमित सतहों को छूने से फैलता है.
- तेज बुखार
- आंखों का लाल होना, दर्द होना और पानी आना
- लगातार खांसी और छींक आना
- मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे दिखाई देना
- कुछ दिनों बाद चेहरे और कानों के पीछे लाल-भूरे रंग के दाने (रैश) उभरना, जो बाद में पूरे शरीर पर फैल जाते हैं। (काली या सांवली त्वचा पर इन दानों को पहचानना कठिन हो सकता है)