मिजोरम में HIV का बढ़ता संकट, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया 'सामूहिक अपमान', शुरू की 'लव ब्रिगेड 2.0' मुहिम
आइजोल में एक कार्यक्रम में उन्होंने यौन संपर्क से फैलते संक्रमण को मिजो समाज के लिए एक Collective Disgrace बताया है.
मिजोरम की स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने राज्य में बढ़ते HIV संक्रमण के मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है. 'अंतर्राष्ट्रीय कंडोम दिवस' के अवसर पर आइजोल में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने यौन संपर्क के माध्यम से फैलते संक्रमण को मिजो समाज के लिए एक “सामूहिक अपमान” (Collective Disgrace) करार दिया. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मिजोरम में HIV संक्रमण का मुख्य कारण असुरक्षित यौन संबंध है, जो कुल मामलों का 70 प्रतिशत है.
चिंताजनक आंकड़े: राष्ट्रीय औसत से कहीं आगे मिजोरम
व्यापकता दर (Prevalence Rate)- जहां भारत का राष्ट्रीय औसत मात्र 0.2 प्रतिशत है, वहीं मिजोरम में यह दर बढ़कर 2.74 प्रतिशत तक पहुंच गई है. मंत्री ने इसके पीछे पार्टनर के प्रति वफादारी की कमी (Infidelity) और बचाव के उपायों की अनदेखी को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने युवाओं से सतर्क रहने और अपने मूल्यों के प्रति सजग रहने का आग्रह किया.
लव ब्रिगेड 2.0: कंडोम वितरण का अनोखा मॉडल
HIV के प्रसार को रोकने और कंडोम के इस्तेमाल से जुड़ी सामाजिक शर्म (Stigma) को खत्म करने के लिए सरकार ने'लव ब्रिगेड 2.0' (Love Brigade 2.0) अभियान शुरू किया है. अब आइजोल की सड़कों पर टू-व्हीलर टैक्सी चलाने वाले राइडर्स 'कंडोम जैकेट' पहनेंगे.यात्री या आम जनता इन राइडर्स के पास जाकर बिना किसी झिझक या संकोच के मुफ्त में कंडोम प्राप्त कर सकते हैं. इस मॉडल का लक्ष्य कंडोम की उपलब्धता को सामान्य बनाना है ताकि कोई भी व्यक्ति केवल कंडोम न मिल पाने के कारण असुरक्षित यौन संबंध न बनाए.
जागरूकता और बचाव ही समाधान
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का हवाला देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि कंडोम HIV और अन्य यौन संचारित संक्रमणों (STIs) को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है. उन्होंने लोगों से कंडोम के उपयोग से जुड़ी भ्रांतियों को त्यागने की अपील की. उन्होंने कहा, “हालांकि हम शादी से पहले संयम की वकालत करते हैं, लेकिन जो लोग संयम नहीं रख सकते, उन्हें कंडोम के उपयोग में संकोच नहीं करना चाहिए। यह जीवन बचाने वाला एक सरल उपकरण है.”