जापान में युवाओं की प्राथमिकता बदल रही: बच्चे नहीं चाहते अधिकांश

जापान में जन्मदर लगातार घटने के बीच एक नई सर्वे रिपोर्ट ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

Update: 2026-03-16 14:00 GMT

जापान में लगातार घटती जन्मदर के बीच एक नई सर्वे रिपोर्ट ने सरकार की चिंता और बढ़ा दी है। हाल ही में किए गए एक सर्वेक्षण में सामने आया है कि देश के कई युवा अब माता-पिता बनने के प्रति कम रुचि दिखा रहे हैं और बड़ी संख्या में अविवाहित युवा बच्चे नहीं चाहने की बात कह रहे हैं।

दिसंबर 2025 में रोहतो फार्मास्यूटिकल द्वारा कराए गए एक सर्वे में 18 से 29 वर्ष की आयु के 400 अविवाहित युवाओं को शामिल किया गया। सर्वे के परिणामों के अनुसार, इनमें से लगभग 62.6 प्रतिशत युवाओं ने कहा कि वे भविष्य में बच्चे नहीं चाहते। यह आंकड़ा 2024 के 56.6 प्रतिशत की तुलना में अधिक है, जो इस बात का संकेत देता है कि युवाओं के बीच “चाइल्ड-फ्री लाइफस्टाइल” की सोच तेजी से बढ़ रही है।

सर्वे में शामिल प्रतिभागियों ने इसके पीछे कई कारण बताए। सबसे प्रमुख कारण आर्थिक दबाव, करियर पर संभावित प्रभाव और बच्चों की परवरिश से जुड़ी जिम्मेदारियों को लेकर चिंता बताए गए। कई युवाओं ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर गर्भावस्था, प्रसव और बच्चों की देखभाल से जुड़े अनुभव देखकर वे अधिक चिंतित हो जाते हैं, जिससे परिवार शुरू करने को लेकर उनका नजरिया प्रभावित होता है।

लिंग के आधार पर देखें तो महिलाओं में बच्चों को लेकर अनिच्छा थोड़ी अधिक पाई गई। सर्वे के अनुसार 64.7 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि वे बच्चों की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहतीं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 60.7 प्रतिशत रहा। दिलचस्प बात यह है कि 2020 में जब यह सर्वे पहली बार शुरू किया गया था, तभी से महिलाओं में यह प्रतिशत पुरुषों की तुलना में अधिक दर्ज किया जा रहा है।

पिछले कुछ वर्षों में यह प्रवृत्ति लगातार बढ़ती नजर आई है। वर्ष 2020 में जहां लगभग 44 प्रतिशत युवाओं ने कहा था कि वे बच्चे नहीं चाहते, वहीं 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 55.2 प्रतिशत हो गया था और अब यह 60 प्रतिशत से भी ऊपर पहुंच गया है।

सर्वे के बाद कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि इन परिणामों से यह स्पष्ट होता है कि युवाओं को परिवार और करियर के बीच संतुलन को लेकर अधिक भरोसा दिलाने की जरूरत है। इसके लिए समाज और कार्यस्थलों को ऐसा माहौल बनाना होगा, जहां युवा माता-पिता बनने के फैसले को लेकर सुरक्षित और समर्थ महसूस कर सकें।

जापान सरकार भी घटती जन्मदर से निपटने के लिए कई कदम उठा रही है। इनमें चाइल्डकेयर भत्ता बढ़ाना, मातृत्व और पितृत्व अवकाश के दौरान अतिरिक्त सुविधाएं देना तथा परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना शामिल है।

इसके बावजूद स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में जापान में केवल 7,05,809 बच्चों का जन्म हुआ, जो लगातार दसवें वर्ष जन्मदर में गिरावट का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने फरवरी में इस स्थिति को “मूक आपातकाल” बताते हुए चेतावनी दी थी कि यदि जन्मदर में गिरावट इसी तरह जारी रहती है, तो आने वाले समय में इसका देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की आर्थिक असुरक्षा, काम और निजी जीवन के बीच संतुलन की कमी तथा परिवार से जुड़ी सामाजिक चुनौतियों को दूर किए बिना इस समस्या का समाधान संभव नहीं होगा। यदि इन मुद्दों पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में जापान की जनसंख्या में गिरावट और तेज हो सकती है।

With Inputs From IANS

Tags:    

Similar News