धुंधली नजर को न करें नजरअंदाज, खतरनाक हो सकते हैं ये लक्षण, ऐसे करें बचाव
धुंधली नजर को नजरअंदाज न करें, यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
नई दिल्ली: यदि आपको या आपके घर के बुजुर्गों को धुंधली नजर आने लगे या बार-बार चश्मे का नंबर बदलना पड़े, तो इसे हल्के में न लें। यह मोतियाबिंद के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं, जिनकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर सावधानी और सही देखभाल से इससे बचाव संभव है।नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, मोतियाबिंद आजकल आम समस्या बन गई है, खासकर उम्र बढ़ने के साथ।
समय पर इसका पता लगाकर इलाज करवाने से दृष्टि पूरी तरह बचाई जा सकती है। मोतियाबिंद में आंख की लेंस धुंधली हो जाती है, जिससे साफ दिखना मुश्किल हो जाता है। यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है और अगर अनदेखी की गई तो दृष्टि और कमजोर हो सकती है।
राहत भरी बात यह है कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन आजकल बहुत सुरक्षित, आसान और प्रभावी हो गया है। ज्यादातर मामलों में ऑपरेशन के बाद मरीज को अच्छी रोशनी और साफ नजर वापस मिल जाती है।
मोतियाबिंद के मुख्य लक्षणों पर नजर डालें तो धुंधला या धुएं जैसा दिखना, रोशनी के चारों ओर अलग से चमक नजर आना, रात में ड्राइविंग या देखने में परेशानी, पढ़ने या छोटे अक्षर देखने में कठिनाई, रंग फीके या पीले पड़कर दिखना, और बार-बार चश्मे का नंबर बदलना पड़ना शामिल है। ये लक्षण खासकर 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में आम हैं, लेकिन कभी-कभी युवाओं में भी मोतियाबिंद हो सकता है। यदि बुजुर्गों की नजर धीरे-धीरे कमजोर हो रही है तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से जांच करवाएं।
डॉक्टर्स का कहना है कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन अब छोटी सी प्रक्रिया है। इसमें आंख की धुंधली लेंस निकालकर उसके जगह कृत्रिम लेंस लगाया जाता है। ऑपरेशन आमतौर पर 15-20 मिनट में पूरा हो जाता है और मरीज उसी दिन घर भी जा सकता है। इसमें दर्द बहुत कम होता है और रिकवरी भी तेज होती है। समय पर इलाज न करवाने से मोतियाबिंद बढ़ सकता है और आंख की रोशनी पूरी तरह जा सकती है, इसलिए धुंधली नजर को कभी भी हल्के में नहीं लेनी चाहिए।
एक्सपर्ट के अनुसार, नियमित आंखों की जांच करवाना सबसे अच्छा उपाय है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि 50 वर्ष की उम्र के बाद हर साल एक बार आंखों की जांच जरूर कराएं। स्वस्थ आहार, हरी सब्जियां, फल और धूप से बचाव भी मोतियाबिंद से बचाव में मदद कर सकता है। (With inputs from IANS)