ब्रेन हेल्थ के लिए खतरा बन रही हैं आपकी सामान्य दिनचर्या की आदतें
रोजमर्रा की कुछ आम आदतें धीरे-धीरे आपके दिमाग की सेहत को नुकसान पहुंचा रही हैं।
नई दिल्ली: आज की तेज़-तर्रार जिंदगी में लोग अक्सर अपने मानसिक स्वास्थ्य यानी ब्रेन हेल्थ की अनदेखी कर देते हैं। रोजमर्रा की कई सामान्य लगने वाली आदतें समय के साथ धीरे-धीरे हमारे दिमाग की कार्यक्षमता को प्रभावित करती हैं।विशेषज्ञों के मुताबिक, दिमाग सिर्फ सोचने का केंद्र नहीं है, बल्कि यह पूरे शरीर के कामकाज को नियंत्रित करता है। ऐसे में अगर इसकी सेहत प्रभावित होती है, तो इसका असर हमारी याददाश्त, ध्यान, फैसले लेने की क्षमता और मानसिक संतुलन पर साफ दिखाई देता है।
रिसर्च के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या है नींद की कमी। जब कोई व्यक्ति लगातार पर्याप्त नींद नहीं लेता, तो दिमाग को आराम नहीं मिल पाता। इससे याददाश्त कमजोर होने लगती है और नई चीजें सीखने की क्षमता भी प्रभावित होती है। वैज्ञानिक बताते हैं कि नींद के दौरान दिमाग खुद को रिपेयर करता है और जरूरी जानकारी को व्यवस्थित करता है। ऐसे में नींद की कमी सीधे तौर पर ब्रेन फंक्शन को कमजोर करती है।
खानपान भी ब्रेन हेल्थ में अहम भूमिका निभाता है। ज्यादा मीठा या हाई शुगर वाली चीजें खाने से इंफ्लेमेशन बढ़ सकता है, जिसका असर दिमाग पर भी पड़ता है। रिसर्च में पाया गया है कि लंबे समय तक ज्यादा शुगर लेने से याददाश्त और सोचने की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना बेहद जरूरी है।
धूम्रपान भी दिमाग के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। सिगरेट में मौजूद जहरीले तत्व शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई को कम कर देते हैं। इसका सीधा असर दिमाग पर पड़ता है, क्योंकि दिमाग को सही तरीके से काम करने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन की जरूरत होती है। लगातार धूम्रपान करने से दिमाग की कोशिकाएं धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं और कई बार स्थायी नुकसान भी हो सकता है।
इसी तरह, अत्यधिक शराब का सेवन भी ब्रेन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, ज्यादा शराब पीने से दिमाग के न्यूरॉन्स प्रभावित होते हैं। इससे सोचने, समझने और याद रखने की क्षमता कमजोर हो सकती है। लंबे समय तक यह आदत बनी रहे तो मानसिक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
शारीरिक गतिविधि की कमी भी एक बड़ी वजह है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। जब हम ज्यादा समय तक बैठे रहते हैं और शरीर को एक्टिव नहीं रखते, तो दिमाग तक ब्लड फ्लो कम हो जाता है। इससे दिमाग को जरूरी पोषण और ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
लगातार तनाव में रहना भी दिमाग के लिए नुकसानदायक है। जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक तनाव में रहता है, तो शरीर में कोर्टिसोल नाम का हार्मोन बढ़ने लगता है। यह हार्मोन दिमाग के उस हिस्से को प्रभावित करता है जो याददाश्त और सीखने की प्रक्रिया से जुड़ा होता है। इससे मानसिक थकान, चिड़चिड़ापन और ध्यान की कमी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
आज के डिजिटल दौर में स्क्रीन टाइम का बढ़ना भी एक बड़ी चिंता बन गया है। मोबाइल, लैपटॉप और टीवी के सामने ज्यादा समय बिताने से न सिर्फ आंखों पर असर पड़ता है, बल्कि नींद की गुणवत्ता भी खराब होती है। इससे दिमाग को पूरा आराम नहीं मिल पाता और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है। (With inputs from IANS)