रोजाना भर पेट चावल खाने के बाद भी वजन रहे नियंत्रित, जानें क्या है तरीका

रोजाना चावल खाने के बावजूद वजन नियंत्रित रखने का आसान तरीका।

Update: 2026-01-09 11:00 GMT

नई दिल्ली: भारत में चावल सिर्फ भोजन का हिस्सा नहीं, बल्कि संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी में भी अहम स्थान रखता है। सुबह की खिचड़ी हो या दोपहर का सादा भात, हर उम्र के लोग इसे खाते हैं। हालांकि वजन बढ़ने की चिंता होने पर लोग अक्सर चावल को अपनी थाली से हटा देते हैं।

आयुर्वेद में चावल को सात्विक आहार माना गया है, जो शरीर को ऊर्जा देता है और मन को शांत रखता है। पुराने समय में चावल कम प्रोसेस्ड होते थे, लेकिन आधुनिक विज्ञान भी बताता है कि इसमें मौजूद फाइबर और प्राकृतिक पोषक तत्व वजन को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।

ब्राउन राइस: इसमें ऊपरी परत बनी रहती है, जो फाइबर, विटामिन बी और मिनरल्स से भरपूर होती है। धीरे पचने के कारण पेट लंबे समय तक भरा रहता है और बार-बार भूख नहीं लगती। इसे लो ग्लाइसेमिक लोड वाला खाना कहा जाता है, जो ब्लड शुगर को बढ़ने नहीं देता और शरीर में फैट जमा होने से रोकता है।

रेड राइस: इसका लाल रंग इसमें मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स की वजह से है, जो सूजन कम कर मेटाबॉलिज्म तेज करते हैं। तेज मेटाबॉलिज्म शरीर में जमा फैट को ऊर्जा में बदलता है। आयुर्वेद के अनुसार, यह रक्त को शुद्ध करने और शरीर की गर्मी संतुलित करने में मदद करता है।

ब्लैक राइस: इसे फॉरबिडन राइस भी कहा जाता है। इसमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं, कैलोरी कम करते हैं और वजन घटाने में मददगार होते हैं।

बासमती राइस: इसके दाने लंबे होते हैं और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स आम सफेद चावल से थोड़ा कम होता है। यह शुगर को धीरे-धीरे रिलीज करता है। आयुर्वेद के अनुसार, सही मात्रा में सफेद चावल वजन नहीं बढ़ाता, लेकिन इसे दाल, सब्जी और सलाद के साथ खाना चाहिए। (With inputs from IANS)

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