सर्दियों में मूली खाने का सही तरीका: कब, कितना और कैसे खाएं ताकि पाचन प्रणाली रहे मजबूत

सर्दियों में मूली का सही समय, मात्रा और तरीका जानकर पाचन को स्वस्थ और मजबूत रखा जा सकता है।

Update: 2026-01-14 04:30 GMT

नई दिल्ली: सर्दियों में मूली को एक प्राकृतिक सुपरफूड माना जाता है, क्योंकि इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा, मजबूती और संपूर्ण पोषण प्रदान करते हैं। मूली न सिर्फ पाचन तंत्र को दुरुस्त रखती है, बल्कि इम्युनिटी बढ़ाने और त्वचा की सेहत सुधारने में भी अहम भूमिका निभाती है। हालांकि, इसके पूरे फायदे पाने के लिए यह जानना जरूरी है कि इसे कब, कितनी मात्रा में और किस रूप में खाया जाए।

मूली में भरपूर फाइबर पाया जाता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। इसके साथ ही इसमें मौजूद विटामिन-सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है, जिससे सर्दियों में होने वाले सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण से बचाव होता है। ठंड के मौसम में विटामिन-सी की जरूरत बढ़ जाती है और मूली इसे प्राकृतिक रूप से पूरा करती है।

मूली पोटैशियम का भी अच्छा स्रोत है, जो हृदय को स्वस्थ रखने, रक्तचाप को संतुलित करने और मांसपेशियों की कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर डिटॉक्स प्रक्रिया को तेज करते हैं।

कच्ची मूली को कई तरीकों से आहार में शामिल किया जा सकता है। इसे कद्दूकस करके दही के साथ रायता बनाया जा सकता है, नींबू और काला नमक डालकर सलाद के रूप में खाया जा सकता है या पतले स्लाइस काटकर हल्के स्नैक की तरह लिया जा सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, कच्ची मूली शरीर में गर्माहट और ऊर्जा बढ़ाती है, जिससे ठंड के मौसम में पाचन शक्ति मजबूत रहती है।

मूली का छिलका भी बेहद फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें फाइबर और पोषक तत्व अधिक मात्रा में होते हैं। छिलके सहित मूली खाने से इसके पाचन और डिटॉक्स से जुड़े लाभ और बढ़ जाते हैं। इसमें मौजूद प्राकृतिक एंजाइम गैस, एसिडिटी और पेट के भारीपन जैसी समस्याओं से राहत दिलाते हैं।

इसके सूजन-रोधी गुण शरीर में जमा अतिरिक्त तरल और विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। आयुर्वेद में मूली को कफ और बलगम कम करने वाली सब्जी माना गया है, जो इम्युनिटी को मजबूत कर संक्रमण से बचाव करती है। यह वजन घटाने वालों के लिए भी एक बेहतरीन, लो-कैलोरी विकल्प है।

हालांकि, मूली का सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए। दिन में लगभग 100 से 150 ग्राम मूली पर्याप्त मानी जाती है, क्योंकि अधिक मात्रा में लेने से गैस या पेट दर्द हो सकता है। रात के समय मूली खाने से बचना चाहिए, खासकर उन लोगों को जिन्हें थायरॉइड या एसिडिटी की समस्या हो। नियमित और सही तरीके से मूली का सेवन न केवल शरीर को अंदर से डिटॉक्स करता है, बल्कि त्वचा को भी स्वस्थ और चमकदार बनाता है। (With inputs from IANS)

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