एंकल मूवमेंट: जोड़ों की अकड़न दूर कर बैलेंस सुधारे, यहां समझें टेक्नीक
एंकल मूवमेंट से जोड़ों की अकड़न कम होती है और शरीर का संतुलन बेहतर बनता है।
नई दिल्ली: घर या ऑफिस में लंबे समय तक एक ही पोज़चर में बैठने या अनियमित दिनचर्या के कारण पीठ, कमर, कंधों और टखनों में अकड़न और दर्द आम समस्या बन गई है। छोटी-छोटी एक्सरसाइज से शरीर की लचीलापन और रक्त संचार बेहतर किया जा सकता है। ऐसे में टखनों की सरल मूवमेंट (एंकल मूवमेंट) एक आसान और प्रभावी तरीका है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह व्यायाम मात्र 3-5 मिनट में किया जा सकता है। इससे टखनों और पैरों में रक्त का बहाव बढ़ता है, अकड़न कम होती है और पूरे शरीर का संतुलन सुधरता है। इसे घर या ऑफिस में कुर्सी पर बैठे-बैठे भी आसानी से किया जा सकता है।
एंकल मूवमेंट से टखनों की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है, जोड़ों को मजबूती मिलती है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। लंबे समय तक बैठे या खड़े रहने वाले लोगों के लिए यह तकनीक विशेष रूप से लाभकारी है। नियमित अभ्यास से टखनों की रेंज ऑफ मोशन बढ़ती है, चलने-फिरने में आसानी होती है, गिरने का खतरा कम होता है और रोजमर्रा के कामों में सुविधा मिलती है।
टखनों की मूवमेंट तकनीक आसान है। इसके लिए सीधे खड़े होकर दोनों पैरों को साथ रखें, हाथों को कमर पर या साइड में रखें। दाएं पैर को थोड़ा आगे उठाकर जमीन से लगभग 22-25 सेंटीमीटर ऊपर रखें। पैर को हल्के से ऊपर-नीचे (पॉइंट और फ्लेक्स) करें, दाएं-बाएं घुमाएँ और फिर गोल-गोल घुमाएँ। पहले क्लॉकवाइज, फिर एंटी-क्लॉकवाइज में 5-10 बार करें। गति हमेशा धीमी और नियंत्रित रखें।
यह अभ्यास केवल 3-5 मिनट में पूरा हो जाता है और इसे सुबह उठते ही या दिन में कभी भी किया जा सकता है। शुरुआत में संतुलन में दिक्कत हो तो दीवार या कुर्सी का सहारा लें। इससे टखनों और पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, पैरों में थकान और सूजन कम होती है, घुटनों और कूल्हों पर दबाव घटता है और बुजुर्गों में गिरने का जोखिम भी कम होता है। (With inputs from IANS)