आंखों का रंग और सूजन बताती है सेहत का हाल, त्रिदोष संतुलन सबसे बड़ा कारण

आंखों का रंग और सूजन आपके शरीर के स्वास्थ्य और त्रिदोष संतुलन के बारे में संकेत देती है।

Update: 2026-03-05 12:30 GMT

नई दिल्ली: आंखें सिर्फ शरीर का एक अंग नहीं हैं, बल्कि यह हमारी दुनिया को देखने का मुख्य माध्यम भी हैं। बिना आंखों के जीवन की कल्पना करना कठिन और डरावना अनुभव हो सकता है। हालांकि हम आंखों के माध्यम से रंगीन दुनिया का अनुभव आसानी से कर पाते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि आंखें केवल बाहरी दुनिया की जानकारी ही नहीं देतीं, बल्कि शरीर की आंतरिक सेहत और परेशानियों का भी संकेत देती हैं। आंखों का रंग, उनकी सूजन और पानी निकलना शरीर में होने वाले असंतुलन और बीमारियों का संकेत हो सकता है।

आयुर्वेद के अनुसार आंखों में दिखाई देने वाले विभिन्न बदलाव त्रिदोष (वात, पित्त और कफ) के असंतुलन की ओर इशारा करते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आंखें पीली हो जाएं, तो यह पित्त दोष की वृद्धि और यकृत संबंधी समस्याओं, जैसे उच्च बिलीरुबिन, का संकेत हो सकता है। पीली आंखें शरीर में गर्मी बढ़ाने के साथ-साथ चक्कर आने जैसी समस्याओं को भी जन्म देती हैं। इसके सुधार के लिए आंवला, गिलोय और हल्दी का सेवन फायदेमंद माना गया है।

आंखों के नीचे डार्क सर्कल अक्सर नींद की कमी से जोड़े जाते हैं, लेकिन यह वात और पित्त दोष के असंतुलन का भी संकेत हो सकते हैं। यह तनाव, निर्जलीकरण, एलर्जी और एनीमिया के कारण भी हो सकता है। इस स्थिति में आहार में खजूर, घी और पानी में भिगोई हुई किशमिश शामिल करना लाभकारी होता है।

सूजी और पफी आंखें कफ दोष की वृद्धि को दर्शाती हैं। यह गुर्दे पर अतिरिक्त भार, अत्यधिक नमक के सेवन और थायरॉइड विकार की ओर भी संकेत कर सकती हैं। ऐसे में खीरा और धनिया के पानी का सेवन फायदेमंद माना जाता है। वहीं, आंखों की पलकें अगर पीली हों तो यह विटामिन बी12 की कमी और एनीमिया का संकेत देती हैं। इसके लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, अनार और खट्टे फल आहार में शामिल करना आवश्यक है।

आंखों से पानी बहना केवल आंखों की समस्या नहीं है, बल्कि यह पित्त और वात दोष के असंतुलन को भी दर्शाता है। यह एलर्जी, संक्रमण या आंखों के सूखापन का संकेत हो सकता है। ऐसे में बादाम, मशरूम और दूध का सेवन लाभकारी होता है। लाल आंखें भी संक्रमण और वात दोष में वृद्धि का संकेत देती हैं और आंखों में सूजन तथा लालिमा बनी रहती है। कई बार यह किडनी में परेशानी का भी सूचक हो सकता है।

इस प्रकार, आंखों का रंग, सूजन और अन्य लक्षण न केवल आंखों की समस्याओं का संकेत देते हैं, बल्कि शरीर में त्रिदोष संतुलन, पोषण की कमी और आंतरिक स्वास्थ्य की स्थिति को भी स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। इसलिए आंखों की देखभाल के साथ-साथ सही आहार और जीवनशैली बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। (With inputs from IANS)

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