गर्मियों में पेट की अम्लता से रहते हैं परेशान, ऐसे पाएं पेट और सीने की जलन से छुटकारा

गर्मियों का मौसम आते ही पेट संबंधी रोग परेशान करने लगते हैं। भूख मर जाती है और सिर्फ ठंडा पीने या खाने का मन करता है।

Update: 2026-03-11 06:30 GMT

नई दिल्ली: जैसे ही गर्मियों का मौसम शुरू होता है, कई लोगों को पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान करने लगती हैं। इस दौरान अक्सर भूख कम लगने लगती है और लोगों का मन ठंडी चीजें खाने या पीने का ज्यादा करता है। मौसम में बढ़ती गर्मी का असर सीधे पाचन तंत्र पर पड़ता है, जिससे पेट में जलन, एसिडिटी और सीने में जलन जैसी शिकायतें आम हो जाती हैं।

गर्मियों में मसालेदार, तला-भुना या बहुत तीखा भोजन करने से पेट और सीने में जलन की समस्या और बढ़ सकती है। कई बार इस जलन का असर सिरदर्द के रूप में भी सामने आता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल भोजन ही इस समस्या का कारण नहीं होता। शरीर में अम्ल (एसिड) का अधिक बनना और आयुर्वेद के अनुसार पित्त दोष का असंतुलन भी इसके पीछे एक बड़ा कारण हो सकता है।

आयुर्वेद के अनुसार अम्लता केवल पेट में जलन तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह शरीर में पित्त की अधिकता का संकेत भी हो सकती है। जब पित्त दोष बढ़ जाता है, तो शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जैसे पेट और सीने में जलन, खट्टी डकार आना, सिर भारी महसूस होना और आंखों में जलन होना। ऐसी स्थिति में आयुर्वेद में कुछ शीतल और पित्त को संतुलित करने वाले प्राकृतिक उपाय बताए गए हैं, जिनमें शतावरी, शंख भस्म और मुलेठी जैसे तत्व शामिल हैं।

इन प्राकृतिक पदार्थों का संतुलित उपयोग शरीर की पाचन अग्नि को शांत करने और पित्त को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है। उदाहरण के लिए, शतावरी और शंख भस्म को समान मात्रा में मिलाकर लेने से पेट को ठंडक मिलती है और अम्ल का निर्माण कम हो सकता है। इसी तरह मुलेठी और मिश्री का मिश्रण भी पेट की गर्मी को शांत करने में मददगार माना जाता है। इसे गुनगुने दूध या पानी के साथ लेने से सीने और गले में होने वाली जलन में राहत मिल सकती है।

इसके अलावा कुछ जीवनशैली से जुड़ी आदतों में बदलाव करके भी एसिडिटी की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। जैसे रात का भोजन सूरज ढलने से पहले या बहुत देर से न करें। भोजन के तुरंत बाद बैठने या लेटने की बजाय हल्की सैर करना फायदेमंद होता है, जिससे पाचन बेहतर होता है और गैस या खट्टी डकार की समस्या कम हो सकती है।

गर्मियों के मौसम में हल्का और सुपाच्य भोजन लेना भी जरूरी है। खिचड़ी, दलिया और अन्य हल्के आहार पेट को ठंडक देते हैं और पाचन तंत्र को आराम पहुंचाते हैं। इस तरह सही खानपान, नियमित दिनचर्या और आयुर्वेदिक उपायों को अपनाकर गर्मियों में पेट की अम्लता और सीने की जलन से राहत पाई जा सकती है। (With inputs from IANS)

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