Weight Loss Drugs: क्या वाकई 'चमत्कारी' हैं वजन घटाने वाली दवाएं? जानें इन्हें शुरू करने से पहले की 3 सबसे जरूरी बातें

वजन घटाने वाली दवाएं (Weight-loss Drugs) काफी पॉपुलर हो रही है. लोग इसे अपनाने लगे हैं.

Update: 2026-04-08 10:00 GMT

वजन घटाने वाली दवाएं (Weight-loss Drugs) आज के समय में मोटापे से निपटने का एक नया तरीका बन गया है, लेकिन क्या ये दवाएं वाकई कोई 'जादुई छड़ी' हैं? डॉक्टरों का मानना है कि ये दवाएं जितनी प्रभावी हैं, उन्हें छोड़ना उतना ही चैलेंजिंग हो सकता है. सेमाग्लूटाइड (Semaglutide) और टिरजे़पैटाइड (Tirzepatide) जैसी दवाएं, जिन्हें दुनिया भर में Ozempic और Mounjaro जैसे ब्रांड नामों से जाना जाता है, मोटापे के इलाज में एक नए युग की शुरुआत कर चुकी हैं. सारा ले ब्रोक जैसी कई महिलाओं के लिए ये दवाएं जीवन बदलने वाली साबित हुई हैं, जिन्होंने इसके जरिए 50 किलो से ज्यादा वजन कम किया, लेकिन क्या इनका असर स्थायी है?

ये दवाएं कैसे काम करती हैं?

ये दवाएं हमारे शरीर के उन प्राकृतिक हार्मोन्स (GLP-1 और GIP) की नकल करती हैं, जो दिमाग को 'पेट भरा होने' का संकेत देते हैं. जब कोई व्यक्ति ये दवाएं लेता है, तो उसकी भूख कम हो जाती है और वह भोजन के बारे में सोचना बंद कर देता है. यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के प्रोफेसर नवीद सत्तार इन्हें एक "केमिकल शील्ड" कहते हैं, जो हमें आज के कैलोरी-युक्त वातावरण से बचाती हैं.

क्या दवा छोड़ते ही बढ़ जाएगा वजन?

स्टडी में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है, जैसे ही व्यक्ति इन दवाओं का सेवन बंद करता है, उसका वजन तेजी से वापस लौटने लगता है. एक रिसर्च के अनुसार, व्यवहार में बदलाव (डाइट और एक्सरसाइज) के मुकाबले इन दवाओं को छोड़ने के बाद वजन 4 गुना ज्यादा तेजी से बढ़ता है. नई रिसर्च बताती है कि दवा बंद करने के एक साल के अंदर लोग अपने घटाए हुए वजन का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा वापस पा लेते हैं. वजन के साथ-साथ हाई ब्लड प्रेशर जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी वापस लौट आती हैं.

'फूड नॉइज़' (Food Noise): सबसे बड़ी चुनौती

वजन दोबारा बढ़ने का मुख्य कारण है 'फूड नॉइज़'.यह वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति के दिमाग में भोजन से जुड़े विचार बार-बार और तीव्रता से आने लगते हैं. जब तक दवा चलती है, यह शोर शांत रहता है, लेकिन दवा रुकते ही भूख और खाने की इच्छा पहले से कहीं ज्यादा हावी हो जाती है.

शुरू करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

एक्सपर्ट के अनुसार, मोटापे से जूझ रहे लोगों को इन दवाओं को लंबे समय तक, शायद जीवनभर लेने पर विचार करना चाहिए. ये दवाएं महंगी हैं और अक्सर इंश्योरेंस इनका पूरा खर्च कवर नहीं करते. औसत व्यक्ति इन्हें 39 हफ्तों के बाद छोड़ देता है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है. केवल दवा पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है. स्थायी रिजल्ट के लिए खान-पान की आदतों और शारीरिक सक्रियता में बदलाव लाना अनिवार्य है.

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