आयुर्वेद में दिल की सेहत का राज: दालें और फलियां बनेंगी हृदय की ढाल
खराब जीवनशैली और असंतुलित खान-पान के कारण अब युवा भी मधुमेह, थायराइड और हृदय से जुड़ी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
नई दिल्ली: बदलती जीवनशैली, गलत खान-पान और बढ़ते मानसिक तनाव के कारण अब हृदय रोग, मधुमेह और थायराइड जैसी बीमारियां केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं। आज के समय में युवा वर्ग भी तेजी से इन रोगों की चपेट में आ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, काम का दबाव, नींद की कमी और लगातार तनाव दिल और दिमाग दोनों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, जिससे हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
हर वर्ष दिल की बीमारियों से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग शामिल हैं। हालांकि सरकार द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन आयुर्वेद का मानना है कि कई गंभीर बीमारियों से बचाव का रास्ता हमारी रसोई से होकर गुजरता है।
आयुर्वेद के अनुसार, हृदय रोगों का प्रमुख कारण मानसिक तनाव और शरीर में आम यानी विषैले तत्वों का बढ़ना है। अत्यधिक मीठा सेवन, पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड, शारीरिक निष्क्रियता, तनाव और अनियमित नींद हृदय को कमजोर बनाते हैं। लेकिन रोजमर्रा के आहार में कुछ सरल बदलाव कर इन खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
आयुर्वेद में दालों और फलियों को हृदय स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। दालें भारतीय भोजन का अहम हिस्सा हैं और नियमित सेवन से कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा कम हो सकता है। इनमें मौजूद घुलनशील फाइबर शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करता है।
जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है, तो रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ता है, जिससे हृदय को रक्त पंप करने में कठिनाई होती है। इसका असर घबराहट, सांस लेने में परेशानी और हार्टबीट पर पड़ता है। दालों और फलियों का लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स मधुमेह को नियंत्रित करने के साथ-साथ ब्लड प्रेशर संतुलन में भी सहायक होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, हृदय रोग से पीड़ित लोगों और बचाव के लिए लोबिया, मसूर, राजमा, मूंग, चना और मोठ की दालें विशेष रूप से फायदेमंद हैं। इसके साथ ही जीवनशैली में सुधार करते हुए आहार में सलाद, सूप, रेशेदार सब्जियां, दालें और ब्राउन राइस को शामिल करना चाहिए। ब्राउन राइस में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और कैंसर-रोधी गुण शरीर को कई स्तरों पर लाभ पहुंचाते हैं।
स्वस्थ आहार और संतुलित जीवनशैली अपनाकर दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
With Inputs From Ians