इंटरमिटेंट फास्टिंग और दिमाग: क्या भूखे रहने से कम होती है दिमागी ताकत? जानें 70 सालों के शोध का सच
कई लोगों को डर रहता है कि ब्रेकफास्ट छोड़ने या उपवास (Fasting) करने से वे चिड़चिड़े हो जाएंगे, लेकिन क्या है सच है?
अक्सर विज्ञापन हमें चेतावनी देते हैं कि "भूख लगने पर आप 'आप' नहीं रहते" और यह धारणा हमारे मन में बैठ गई है कि दिमाग को तेज रखने के लिए बार-बार कुछ खाना जरूरी है. कई लोगों को डर रहता है कि ब्रेकफास्ट छोड़ने या उपवास (Fasting) करने से वे चिड़चिड़े हो जाएंगे और काम पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाएंगे. लेकिन क्या यह सच है? ऑकलैंड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 1958 से 2025 के बीच हुए 71 स्वतंत्र स्टडी का सबसे बड़ा विश्लेषण किया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फास्टिंग हमारे संज्ञानात्मक प्रदर्शन (Cognitive Performance) को कैसे प्रभावित करती है.
मेटाबॉलिक स्विच: शरीर का अपना ऊर्जा तंत्र
जब हम नियमित भोजन करते हैं, तो हमारा दिमाग मुख्य रूप से ग्लूकोज (ग्लाइकोजन के रूप में संग्रहीत) पर चलता है. भोजन के बिना लगभग 12 घंटे बिताने के बाद, ग्लाइकोजन का भंडार कम हो जाता है. यहां शरीर एक'मेटाबॉलिक स्विच' करता है, यह वसा (Fat) को तोड़कर कीटोन्स (Ketones) बनाना शुरू कर देता है. ये कीटोन्स दिमाग के लिए ऑप्शन्ल ईंधन का काम करते हैं. हमारे पूर्वजों के लिए यह लचीलापन जीवित रहने के लिए जरूरी था, और आज इसे कई स्वास्थ्य लाभों से जोड़ा जा रहा है.
रिसर्चरस का निष्कर्ष, कोई नेगेटिव प्रभाव नहीं
3,400 से अधिक प्रतिभागियों पर किए गए विश्लेषण से एक साफ निष्कर्ष निकला है, जिसमें स्वस्थ वयस्कों में फास्टिंग और भोजन के बाद के मानसिक प्रदर्शन में कोई सार्थक अंतर नहीं था. मरीजों और स्वस्थ व्यक्तियों ने ध्यान (Attention), याददाश्त (Memory) और कार्यकारी कार्यों (Executive Function) से जुड़े परीक्षणों में वैसा ही प्रदर्शन किया, चाहे उन्होंने हाल ही में भोजन किया हो या नहीं.
कब सावधान रहने की जरूरत है?
हालांकि वयस्कों के लिए फास्टिंग सुरक्षित है, लेकिन रिसर्चर ने तीन महत्वपूर्ण पहलू के बारे में बताया है. बच्चों और किशोरों का विकासशील दिमाग ऊर्जा की आपूर्ति में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील होता है. भोजन छोड़ने पर उनका प्रदर्शन खराब रहा, इसलिए बच्चों के लिए नाश्ता करना अनिवार्य है. दिन के ढलने के साथ उपवास करने वालों का प्रदर्शन थोड़ा गिर सकता है, क्योंकि यह हमारे शरीर की प्राकृतिक जैविक लय (Circadian Rhythm) को प्रभावित करता है. जब परीक्षणों में भोजन की तस्वीरें या संकेत शामिल किए गए, तो फास्टिंग कर रहे लोगों का ध्यान आसानी से भटक गया. यानी भूख दिमाग को सुस्त नहीं करती, बस खाने के प्रति अधिक आकर्षित कर देती है.
ज्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए यह खबर राहत देने वाली है. आप अपनी मानसिक तीक्ष्णता (Mental Sharpness) खोने की चिंता किए बिना इंटरमिटेंट फास्टिंग या अन्य फास्टिंग प्रोटोकॉल अपना सकते हैं.