Microplastics Danger: हर हफ्ते शरीर में जा रहा 'क्रेडिट कार्ड' जितना प्लास्टिक; डॉ. से जानें शरीर के भीतर कैसे तबाही मचाते हैं ये नन्हे कण
एक रिसर्च के अनुसार, एक औसत व्यक्ति हर हफ्ते लगभग 5 ग्राम प्लास्टिक निगल लेता है, जो एक क्रेडिट कार्ड के वजन के बराबर है.
पीने के पानी से लेकर उस हवा तक जिसमें हम सांस लेते हैं, माइक्रोप्लास्टिक्स अब हमारे जीवन का हिस्सा बन चुके हैं. एक रिसर्च के अनुसार, एक औसत व्यक्ति हर हफ्ते लगभग 5 ग्राम प्लास्टिक निगल लेता है, जो एक क्रेडिट कार्ड के वजन के बराबर है. यह चिंताजनक आंकड़ा हमारे शरीर के भीतर छिपे खतरों की ओर इशारा करता है. माइक्रोप्लास्टिक्स 5 मिलीमीटर से छोटे प्लास्टिक के कण होते हैं जो दूषित भोजन, पानी और हवा के जरिए हमारे शरीर में एंट्री करते हैं. एक बार शरीर के भीतर पहुंचने के बाद, ये कण हमारी जैविक बाधाओं (Biological Barriers) को पार कर सीधे सेल्स (Cells) के साथ इंटरैक्ट करने लगते हैं.
कोशिकाओं के स्तर पर माइक्रोप्लास्टिक का नुकसान
ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (Oxidative Stress)
डॉ. मुग्धा के अनुसार, ये कण शरीर में हानिकारक अणुओं (ROS) को जन्म देते हैं, जो शरीर की प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट रक्षा प्रणाली को कमजोर कर देते हैं. इससे हमारे लिपिड, प्रोटीन और डीएनए (DNA) को नुकसान पहुंचता है, जिससे कोशिकाएं खत्म होने लगती हैं.
क्रोनिक इन्फ्लेमेशन (पुरानी सूजन)
माइक्रोप्लास्टिक्स शरीर के इम्यून सिस्टम को लगातार सक्रिय रखते हैं, जिससे शरीर के भीतर हल्की लेकिन स्थायी सूजन बनी रहती है. यह स्थिति आगे चलकर मेटाबॉलिक सिंड्रोम, ऑटोइम्यून डिसऑर्डर और हार्ट के बीमारी का कारण बनती है.
विषैले रसायनों के वाहक (Carriers of Toxins)
माइक्रोप्लास्टिक्स केवल खुद हानिकारक नहीं हैं, बल्कि ये अपने साथ भारी धातुएं और एंडोक्राइन डिस्रप्टर्स (जैसे बिस्फेनॉल और थैलेट्स) भी ले जाते हैं. ये रसायन हमारे हार्मोन संतुलन को बिगाड़ सकते हैं, जिसका बुरा असर प्रजनन स्वास्थ्य, थायराइड और मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है.
कोशिका झिल्ली और डीएनए पर असर
सेल मेंब्रेन- ये कण कोशिकाओं की सुरक्षात्मक परत (Membrane) की अखंडता को नुकसान पहुँचाते हैं, जिससे पोषक तत्वों का परिवहन और आयन संतुलन बिगड़ जाता है. डीएनए डैमेज- उभरते हुए रिसर्च बताते हैं कि माइक्रोप्लास्टिक्स डीएनए में म्यूटेशन (उत्परिवर्तन) पैदा कर सकते हैं, जिससे भविष्य में कैंसर का खतरा बढ़ सकता है.