चावल बनाम गेहूं: जानें कौन सेहत के लिए बेहतर और कौन हानिकारक है

गेहूं और चावल भारतीय थाली के मुख्य भोजन हैं, लेकिन इनके स्वास्थ्य लाभ और नुकसान को लेकर हमेशा मतभेद रहे हैं।

Update: 2026-01-27 07:30 GMT

भारतीय थाली में गेहूं और चावल का स्थान हमेशा से अहम रहा है। बिना इन दोनों के भोजन अधूरा लगता है। हालांकि, स्वास्थ्य को लेकर हमेशा से इनके बीच मतभेद रहे हैं। कुछ लोग मानते हैं कि गेहूं ज्यादा फायदेमंद है, तो कुछ का कहना है कि चावल अधिक पौष्टिक है। लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान दोनों इस बात पर जोर देते हैं कि समस्या अनाज में नहीं, बल्कि रिफाइंड अनाज, अत्यधिक मात्रा और गलत तरीके से सेवन में है।

आइए पहले गेहूं की बात करें। गेहूं में ग्लूटेन की मात्रा अधिक होती है। लंबे समय तक अत्यधिक सेवन करने से यह मधुमेह, थायराइड और पेट संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। इसके अलावा, गेहूं की वर्तमान फसल में जिंक और आयरन जैसे पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। ज्यादा गेहूं का सेवन इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ा सकता है, जिससे रक्त शर्करा तेजी से बढ़ती है। हालांकि, गेहूं में फाइबर की मात्रा अच्छी होती है, जो ऊर्जा और पाचन के लिए लाभकारी है।

चावल की बात करें तो इसकी हर किस्म में ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होता है, जिससे मोटापा और मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है। चावल के पौधे की जड़ मिट्टी से पोषक तत्व लेने में सीमित होती है, इसलिए इनमें हानिकारक रसायन अधिक पाए जा सकते हैं। आजकल बाजार में मिलने वाले पॉलिश किए हुए चावल में आयरन, जिंक और अन्य आवश्यक पोषक तत्व कम हो जाते हैं। चावल केवल पचाने में आसान होते हैं और सीमित मात्रा में ही पेट और ऊर्जा के लिए सही माने जाते हैं।

स्वस्थ भोजन के लिए कुछ सरल नियमों का पालन जरूरी है। पहला, भोजन को ठीक से पकाना। चावल को अच्छी तरह धोकर पकाएं और रोटी का सेवन सीमित मात्रा में करें—एक दिन में दो से ज्यादा रोटियां न खाएं। दूसरा, केवल चावल और गेहूं पर निर्भर न रहें; बाजरा, ज्वार, मक्का जैसी अन्य अनाज भी थाली में शामिल करें। तीसरा, अनाज की मात्रा कम और सब्जियों की मात्रा अधिक रखें। यह मिथक कि रोटी और चावल से ताकत और मजबूती मिलती है, सही नहीं है; ये केवल अस्थायी ऊर्जा प्रदान करते हैं।

इस प्रकार, संतुलित मात्रा, सही तैयारी और विविध अनाज का सेवन ही लंबे समय तक सेहत बनाए रखने का सही तरीका है।

With Inputs From IANS

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