बाहर का खाना खाने के बाद क्यों लगती है ज्यादा प्यास? ये है बड़ा कारण

बाहर के खाने में ज्यादा नमक होने से ज्यादा प्यास लगती है।

Update: 2026-02-10 06:45 GMT

नई दिल्ली: घर का बना ताजा और संतुलित भोजन जहां शरीर को ऊर्जा देता है, वहीं बाहर का खाना अक्सर सुस्ती, भारीपन और बार-बार प्यास लगने की वजह बनता है। कई लोगों ने महसूस किया होगा कि बाहर का खाना खाने के बाद पानी पीने की इच्छा अचानक बढ़ जाती है। इसका कारण सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि भोजन में इस्तेमाल होने वाले तत्व और उसकी बनावट भी है। आइए जानते हैं इसके पीछे के वैज्ञानिक कारण।

बाहर के खाने में ज्यादा सोडियम

घर के खाने की तुलना में बाहर के खाने में नमक यानी सोडियम की मात्रा कहीं अधिक होती है। स्वाद बढ़ाने और लंबे समय तक खाने को सुरक्षित रखने के लिए प्रोसेस्ड आटे, सॉस और मसालों में अतिरिक्त नमक मिलाया जाता है। ज्यादा सोडियम शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बिगाड़ देता है, जिससे कोशिकाएं दिमाग को पानी की जरूरत का संकेत भेजती हैं। यही वजह है कि बार-बार प्यास लगती है।

तेल और प्रोसेस्ड सामग्री का असर

बाहर के खाने में तेल की मात्रा भी अधिक होती है। ज्यादा तला-भुना और प्रोसेस्ड खाना पचाने में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में भी शरीर को अतिरिक्त पानी की जरूरत होती है, जिससे प्यास और बढ़ जाती है।

भारी और प्रोटीन युक्त भोजन

भारी भोजन या अधिक प्रोटीन वाला आहार पचाने में समय लेता है। प्रोटीन को तोड़ने और पाचन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए शरीर ज्यादा फ्लुइड्स का इस्तेमाल करता है। यही कारण है कि तेलीय या प्रोटीन से भरपूर भोजन के बाद प्यास ज्यादा महसूस होती है।

घर का खाना क्यों नहीं बढ़ाता प्यास

घर में बने खाने में नमक, तेल और मसालों की मात्रा नियंत्रित होती है। इसलिए चाहे साधारण रोटी-सब्जी ही क्यों न हो, वह शरीर पर ज्यादा दबाव नहीं डालती और प्यास भी अपेक्षाकृत कम लगती है।

प्यास बुझाने का सही तरीका

बार-बार प्यास लगने पर सिर्फ सादा पानी ही नहीं, बल्कि छाछ का सेवन भी फायदेमंद होता है। छाछ न केवल शरीर को ठंडक देती है, बल्कि पाचन सुधारने में भी मदद करती है और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखती है। (With inputs from IANS)

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