सुकूनभरी नींद और जोड़ों की समस्या दूर करने में अश्वगंधा का सेवन फायदेमंद
अश्वगंधा का नियमित सेवन नींद को बेहतर बनाता और जोड़ों के दर्द में राहत देता है।
नई दिल्ली: आयुर्वेद में अश्वगंधा को एक अत्यंत महत्वपूर्ण औषधि माना जाता है, जिसका उपयोग हजारों वर्षों से शरीर और मन को स्वस्थ रखने के लिए किया जाता रहा है। इसे सरल शब्दों में “शक्ति बढ़ाने वाली जड़ी-बूटी” कहा जा सकता है, जो अंदर से शरीर को ताकत देती है।
आज की तेज़-तर्रार और तनावपूर्ण जिंदगी में थकान, नींद की कमी और कमजोरी आम समस्याएं बन गई हैं। ऐसे में अश्वगंधा एक प्राकृतिक सहारा साबित होती है। इसके नियमित सेवन से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है और दिनभर थकान महसूस नहीं होती। जिन लोगों को अक्सर कमजोरी या जल्दी थकान होती है, उनके लिए यह बेहद फायदेमंद है।
अश्वगंधा का सबसे बड़ा लाभ मानसिक तनाव कम करना है। यह दिमाग को शांत रखती है और चिंता, घबराहट और मानसिक दबाव को घटाने में मदद करती है। नींद की समस्या वाले लोगों के लिए भी यह वरदान साबित होती है, क्योंकि यह नींद की गुणवत्ता सुधारकर गहरी और सुकूनभरी नींद दिलाती है।
इसके अलावा, अश्वगंधा जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में भी मददगार है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और दर्द को कम करते हैं। अश्वगंधा के तेल से मालिश करने पर अकड़न और मांसपेशियों की थकान दूर होती है।
पुरुष और महिलाएं, दोनों ही अश्वगंधा से लाभान्वित होते हैं। पुरुषों में यह ताकत, स्टैमिना और हार्मोन संतुलन बढ़ाने में सहायक है, जबकि महिलाओं में कमजोरी दूर करने, तनाव घटाने और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।
अश्वगंधा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है और इसे एंटी-एजिंग गुणों वाला माना जाता है, जिससे त्वचा स्वस्थ रहती है और उम्र बढ़ने के असर धीमे होते हैं।
अश्वगंधा का सेवन पाउडर के रूप में गर्म दूध या गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है। हालांकि यह प्राकृतिक औषधि है, फिर भी इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए। किसी गंभीर बीमारी या दवा के साथ सेवन करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहता है। (With inputs from IANS)