आयुर्वेद की 'महा-औषधि' है सोंठ, सेवन से पहले जान लें इसके नुकसान भी
भोजन देने वाली घर की रसोई औषधीय गुणों से भरपूर होती है, रसोई में इस्तेमाल होने वाला हर मसाला एक दवा की तरह काम करता है.
हमारे लिए भोजन देने वाली घर की रसोई औषधीय गुणों से भरपूर होती है, और इस बारे में कम ही लोग जानते हैं कि रसोई में इस्तेमाल होने वाला हर मसाला एक दवा की तरह काम करता है. ऐसा ही एक मसाला है सोंठ, जिसे चाय से लेकर लड्डूओं तक में सदियों से इस्तेमाल किया जाता रहा है. साधारण सी दिखने वाली सोंठ अपने आप में एक औषधि है. आयुर्वेद में सोंठ का इस्तेमाल कई तरह के रोगों से मुक्त होने में होता आया है.
चरक संहिता' में सोंठ के अनगिनत फायदे बताए गए हैं
सोंठ अदरक का सूखा रूप है जिसे सुखाकर और फिर महीन पीस कर तैयार किया जाता है. 'चरक संहिता' में सोंठ के अनगिनत फायदे बताए गए हैं. आयुर्वेद की मानें तो सोंठ जठराग्नि को संतुलित करता है, पाचन को सुधारता है, शरीर को भीतर से गर्म रखता है, कब्ज से छुटकारा दिलाता है और कफ-वात दोषों को संतुलित रखने में भी सहायता करता है, हालांकि इसके सेवन के तरीकों के बारे में जानना भी जरूरी है.
सोंठ भूख बढ़ाने में भी मदद करती है
सोंठ में जिंजरोल और 'शोगोल' जैसे शक्तिशाली तत्व पाए जाते हैं, जिनका इस्तेमाल पेट से जुड़े रोगों के अलावा, जोड़ों के दर्द और गठिया और कैंसर जैसी बीमारियों में किया जाता है. बसंत ऋतु या जाती हुई सर्दी के समय सोंठ का सेवन थोड़ी मात्रा में करना चाहिए क्योंकि इस तरह के मौसम में संक्रमण तेजी से फैलता है और बुखार-सर्दी से जुड़ी परेशानियां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को परेशान करती हैं. अगर भूख न लगने की समस्या है तो सोंठ भूख बढ़ाने में भी मदद करती है.
सोंठ फेफड़ों में जमा कफ को ढीला करता है
सोंठ का रोजाना सेवन पेट के भारीपन को कम करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे समय पर भूख लगती रहती है. दूसरा, यह जोड़ों के दर्द और गठिया के दर्द में भी राहत देता है. इसमें भरपूर मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं. यह शरीर पर किसी पेन किनर की तरह काम करता है. जाती हुई सर्दी में खासकर खांसी-जुकाम और सांस लेने की परेशानी ज्यादा देखी जाती है. ऐसे में सोंठ फेफड़ों में जमा कफ को ढीला करके श्वसन-मार्गों को खोलता है.
अब सवाल है कि किन लोगों को सोंठ के सेवन से बचना चाहिए। सोंठ की तासीर गर्म होती है, इसलिए गर्मी के मौसम में सोंठ का सेवन न करें, क्योंकि ये पेट में जलन पैदा कर सकती है. इसके अलावा, पाइल्स या हाई बीपी से पीड़ित लोगों को भी सोंठ नहीं खानी चाहिए। गर्भवती महिलाएं भी सोंठ का सेवन न करें। ये प्री-मिच्योर डिलीवरी के लिए जिम्मेदार हो सकता है.
Input IANS