हेल्थकेयर में एआई की असली ताकत विश्वास, नैतिकता और समावेश पर निर्भर
हेल्थकेयर में एआई की सफलता का आधार भरोसा, नैतिकता और समावेशिता है।
नई दिल्ली: स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की वास्तविक क्षमता तभी उभर सकती है जब इसे भरोसा, नैतिकता और समावेश के मजबूत आधार पर विकसित किया जाए। यह बात गुरुवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कही गई।
बयान में कहा गया कि स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद डायग्नोस्टिक अंतर को कम करना, एल्गोरिदम में पक्षपात (बायस) को खत्म करना और सभी लोगों तक समान रूप से स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना तभी संभव है जब इसके लिए स्पष्ट नीतियां हों, उच्च गुणवत्ता और विविध डेटा उपलब्ध हो और स्वास्थ्यकर्मी एआई का सही तरीके से उपयोग करना जानें।
‘एआई फॉर ऑल’ दृष्टिकोण का उद्देश्य एक ऐसा एआई इकोसिस्टम बनाना है जो सभी मरीजों के लिए काम करे, चाहे उनकी क्षेत्रीय, आय वर्गीय, भाषाई या भौगोलिक स्थिति कुछ भी हो।
इस दिशा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नई दिल्ली में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में भारत के हेल्थकेयर सेक्टर के लिए एआई रणनीति 'एसएएचआई' (Strategy for AI in Healthcare for India) जारी की।
एसएएचआई राष्ट्रीय ढांचा स्वास्थ्य प्रणाली में एआई को जिम्मेदारी से लागू करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है। इसमें एआई को स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण साधन माना गया है, लेकिन इसका इस्तेमाल जनहित, भरोसा और दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रणाली की मजबूती को ध्यान में रखकर करना आवश्यक है।
समिट में यह भी कहा गया कि एआई के प्रभावी उपयोग के लिए स्वास्थ्य डेटा की विविधता, जवाबदेह और भरोसेमंद एआई सिस्टम और सार्वजनिक हित के लिए एआई का प्रयोग जरूरी है।
राष्ट्रीय फ्रेमवर्क के रूप में एसएएचआई स्वास्थ्य सेवाओं में एआई लागू करने का स्पष्ट रोडमैप देता है, जो नीति निर्माता, स्वास्थ्य प्रदाता और टेक्नोलॉजी डेवलपर्स को यह दिशा देता है कि एआई का उपयोग जिम्मेदारी से कैसे किया जाए, ताकि नवाचार चिकित्सा जरूरतों, नियामक मानकों, समानता और जनविश्वास के अनुरूप हो।
समिट के दौरान बीओडीएच (Benchmarking Open Data Platform for Health AI) भी लॉन्च किया गया। यह प्लेटफॉर्म हेल्थ एआई समाधानों की सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में मदद करेगा। डॉक्टरों द्वारा उपयोग किए जाने वाले एआई टूल की सुरक्षा और विश्वसनीयता का परीक्षण इसी प्लेटफॉर्म से होगा।
बीओडीएच प्लेटफॉर्म भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर ने नेशनल हेल्थ ऑथोरिटी के सहयोग से विकसित किया है।
एसएएचआई रणनीति, विविध स्वास्थ्य डेटा, भरोसेमंद एआई सिस्टम और बीओडीएच जैसे परीक्षण प्लेटफॉर्म की जरूरतों पर हुई चर्चा ने एआई समिट 2026 में यह स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई भविष्य में बड़े बदलाव ला सकता है। (With inputs from IANS)