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साइलेंट हार्ट अटैक: लक्षण,संकेत और पहचान

हर हार्ट अटैक सीने में तेज़ दर्द और गिर जाने जैसी स्थिति के साथ नहीं आता।
कई बार यह धीरे, बिना किसी लक्षण या दर्द के होता है — और व्यक्ति को पता तक नहीं चलता कि उसका दिल संकट में है।
इसे ही कहा जाता है “साइलेंट हार्ट अटैक” (Silent Heart Attack)।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार, दुनिया भर में होने वाले करीब 45% हार्ट अटैक “साइलेंट” होते हैं — यानी बिना स्पष्ट लक्षणों के।
साइलेंट हार्ट अटैक क्या है?
साइलेंट हार्ट अटैक सामान्य हार्ट अटैक जैसा ही है —
दिल की किसी धमनी में खून का प्रवाह कुछ समय के लिए रुक जाता है, जिससे दिल की मांसपेशियों को ऑक्सीजन नहीं मिलती।
फर्क सिर्फ इतना है कि इसमें सीने में तेज़ दर्द नहीं होता या व्यक्ति लक्षणों को पहचान नहीं पाता।
यह इसलिए होता है क्योंकि:
• ब्लॉकेज आंशिक या थोड़े समय के लिए होता है,
• दर्द के संकेत बहुत हल्के होते हैं, या डायबिटीज़ वाले लोगों में नसों की संवेदनशीलता (pain perception) कम हो जाती है।
Harvard Health (2020) के अनुसार, हर तीन में से एक व्यक्ति को हार्ट अटैक का पता सप्ताहों या महीनों बाद चलता है — जब ईसीजी या इको टेस्ट में पुराने निशान दिखते हैं।
भ्रमित करने वाले लक्षण
साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण अक्सर इतने हल्के होते हैं कि लोग उन्हें गैस, थकान या एसिडिटी समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
ध्यान देने योग्य संकेत:
• सीने में हल्का दबाव या जलन
• जबड़े, गर्दन, कंधे या पीठ में दर्द
• हल्की-सी सांस फूलना या असामान्य थकान
• चक्कर आना या ठंडा पसीना
• पेट में जलन जैसी तकलीफ़ जो बनी रहे
CDC (Centers for Disease Control) के अनुसार, महिलाएँ पुरुषों की तुलना में 20% ज़्यादा बार ऐसे “असामान्य लक्षणों” का अनुभव करती हैं।
साइलेंट अटैक से कौन है ज़्यादा जोखिम में?
कुछ लोगों में साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा कई गुना ज़्यादा होता है —
क्योंकि उनके शरीर में दर्द या लक्षण महसूस करने की क्षमता कम हो जाती है।
• डायबिटिक लोग:
लगभग 55% साइलेंट हार्ट अटैक डायबिटिक मरीजों में पाए जाते हैं
नसों को होने वाले नुकसान (Neuropathy) के कारण दर्द का एहसास कम हो जाता है।
• महिलाएँ:
AHA के अनुसार, 55 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में हार्ट अटैक की पहचान अक्सर देर से होती है।
अक्सर जबड़े या पीठ का दर्द, थकान या उल्टी जैसे हल्के लक्षण ही दिखते हैं।
• 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग:
उम्र बढ़ने के साथ दर्द का एहसास और शरीर की प्रतिक्रिया कमजोर हो जाती है।
• उच्च रक्तचाप या मोटापा वाले लोग:
इनकी धमनियाँ पहले से क्षतिग्रस्त होती हैं, जिससे खतरा दोगुना हो जाता है।
ICMR (India) के अनुसार, शहरी भारत में हर 5 में से 1 व्यक्ति को किसी न किसी प्रकार की अज्ञात हृदय रोग की समस्या होती है —
और कई बार इसका पता साइलेंट अटैक के बाद चलता है।
साइलेंट अटैक इतना खतरनाक क्यों है?
क्योंकि दर्द महसूस नहीं होता, इसलिए लोग अस्पताल नहीं जाते और “गोल्डन आवर” (Golden Hour) पहले 90 मिनट निकल जाते हैं।
इससे दिल की मांसपेशियों को स्थायी नुकसान पहुँचता है और आगे चलकर हो सकता है:
• हार्ट फेल्योर (Heart Failure)
• अनियमित धड़कन (Arrhythmia)
• दोबारा हार्ट अटैक
• या अचानक कार्डियक अरेस्ट
JAMA Cardiology (2018) के अनुसार, जिन्हें साइलेंट हार्ट अटैक होता है और इलाज नहीं मिलता,
उनमें अगले 10 सालों में मौत का खतरा 34% ज़्यादा होता है।
साइलेंट अटैक से बचाव के कदम
इन लक्षणों को अंदेखा न करे-
• थकान, सांस फूलना या ऊपरी शरीर में हल्के दर्द को कभी अनदेखा न करे।
• 40 वर्ष की उम्र के बाद या डायबिटीज़/बीपी होने पर ECG, इको और कोलेस्ट्रॉल टेस्ट नियमित कराएँ।
• संतुलित आहार, व्यायाम, तनाव नियंत्रण और धूम्रपान से दूरी बनाए रखें।
• अपने शरीर के हर छोटे संकेत पर ध्यान दें —
क्योंकि खामोशी भी कभी-कभी दिल का संकेत होती है।
याद रखें: हर दिल दर्द से नहीं बोलता —
कई बार उसकी खामोशी ही सबसे बड़ा खतरा होती है।
American Heart Association (AHA). Silent Heart Attack — What You Need to Know. Updated 2024.
National Heart, Lung, and Blood Institute (NHLBI). Heart Attack (Myocardial Infarction): Causes, Symptoms, and Treatment. U.S. Department of Health and Human Services, 2023.
Centers for Disease Control and Prevention (CDC). Heart Attack Symptoms, Risk, and Prevention. Updated 2024.
Mayo Clinic. Silent Heart Attack: Symptoms and Causes. Reviewed 2024.
Cleveland Clinic. Silent Heart Attack: How It Happens and How to Prevent It. Updated 2023.
European Society of Cardiology (ESC). 2023 Guidelines for the Management of Acute Coronary Syndromes in Patients Presenting Without Persistent ST-Segment Elevation. Eur Heart J. 2023.
Dr Prem Aggarwal, (MD Medicine, DNB Cardiology) is a Cardiologist by profession and also the Co-founder of Medical Dialogues. He is the Chairman of Sanjeevan Hospital in Central Delhi and also serving as the member of Delhi Medical Council

