हमेशा थकान क्यों रहती है? माइटोकॉन्ड्रिया का आपके स्वास्थ्य से गहरा संबंध
हम अक्सर थकान का कारण काम का बोझ, तनाव या नींद की कमी को मानते हैं। लेकिन कई बार वजह शरीर की कोशिकाओं के अंदर होती है।
हम अक्सर थकान का कारण काम का बोझ, तनाव या नींद की कमी को मान लेते हैं। लेकिन कई बार असली वजह हमारे शरीर की कोशिकाओं के अंदर छिपी होती है। यहां अहम भूमिका निभाते हैं माइटोकॉन्ड्रिया—जो शरीर को चलाने वाली ऊर्जा बनाते हैं।
Dr. Madhumita Roy Chowdhury, जो AIIMS नई दिल्ली के पीडियाट्रिक्स विभाग के जेनेटिक्स डिवीजन में सीनियर साइंटिस्ट हैं, मॉलिक्यूलर जेनेटिक्स में विशेषज्ञ हैं। वे विशेष रूप से माइटोकॉन्ड्रियल बीमारियों जैसे बड़े मेटाबॉलिक प्रभाव वाले विकारों पर काम करती हैं और रेट सिंड्रोम व ल्यूकोडिस्ट्रॉफी पर क्लिनिकल रिसर्च में सक्रिय रूप से जुड़ी हैं।
वह बताती हैं,
“माइटोकॉन्ड्रिया कोशिकाओं के अंदर छोटे पावर प्लांट की तरह होते हैं, जो भोजन को ऊर्जा में बदलते हैं और हमें जीवित रखते हैं। यही ऊर्जा हमारे हर काम के लिए जरूरी होती है”।
हर थकान सामान्य नहीं होती। अगर माइटोकॉन्ड्रिया ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, तो शरीर पर्याप्त ऊर्जा नहीं बना पाता।
इसके संकेत हो सकते हैं:
- लगातार थकान
- जल्दी थक जाना
- ध्यान केंद्रित करने में परेशानी
- मांसपेशियों में कमजोरी
डॉ. रॉय चौधरी कहती हैं, “दिल और दिमाग जैसे अंगों को लगातार ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है। माइटोकॉन्ड्रिया की खराबी डायबिटीज़ और दिल की बीमारी में योगदान दे सकती है।”
सिर्फ थकान नहीं, बीमारियों से भी जुड़ा संबंध
माइटोकॉन्ड्रिया की खराबी का संबंध इन समस्याओं से देखा जा रहा है:
- डायबिटीज़
- दिल की बीमारी
- मेटाबॉलिक डिसऑर्डर
लाइफस्टाइल ठीक करें
सबसे अच्छी बात यह है कि आप अपनी आदतों से माइटोकॉन्ड्रिया को बेहतर बना सकते हैं।
- संतुलित भोजन लें जो सही पोषण देता है
- अच्छी नींद शरीर को रिपेयर करती है
- व्यायाम माइटोकॉन्ड्रिया की संख्या और क्षमता बढ़ाता है
शुरुआती संकेत जिन्हें नजरअंदाज न करें
ये संकेत शरीर की ऊर्जा प्रणाली में गड़बड़ी का इशारा हो सकते हैं-
- हर समय थकान महसूस होना
- थोड़े काम में ही थक जाना
- ध्यान न लगना
- मांसपेशियों में कमजोरी
- एक्सरसाइज के बाद देर से रिकवरी
रोज की आसान आदतें जो रिकवर कर देंगी
- संतुलित और ताजा भोजन लें
- रोज व्यायाम करें
- 7–8 घंटे की नींद लें
- तनाव कम करें
- पर्याप्त पानी पिएं
- जंक फूड और स्मोकिंग से बचें