मटर के दाने जितनी छोटी ग्रंथि, लेकिन आपकी नींद, मूड और चेतना तक सब कुछ करती है कंट्रोल
यह छोटी सी ग्रंथि नींद, मूड और चेतना सहित शरीर के कई कार्यों को नियंत्रित करती है।
नई दिल्ली: दिमाग में एक छोटी सी ग्रंथि होती है, जो मटर के दाने के आकार की होती है, लेकिन इसका असर पूरे शरीर और मन पर पड़ता है। इसे पीनियल ग्रंथि कहा जाता है। यह नींद, मूड और चेतना तक को नियंत्रित करती है और आयुर्वेद व योग में इसे आज्ञा चक्र से जोड़ा गया है। यह हमारी बुद्धि, अंतर्ज्ञान और मानसिक स्पष्टता का केंद्र भी है।
पीनियल ग्रंथि मुख्य रूप से मेलाटोनिन हार्मोन बनाती है, जो नींद-जागने की घड़ी यानी सर्केडियन रिदम को नियंत्रित करता है। अंधेरा होने पर यह हार्मोन अधिक बनता है और नींद आती है, जबकि दिन में इसकी मात्रा कम होती है, जिससे शरीर सक्रिय रहता है।
नींद न आने, थकान या मूड में बदलाव जैसी समस्याओं का कारण अक्सर पीनियल ग्रंथि की निष्क्रियता हो सकती है। यह हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में भी मदद करती है, पिट्यूटरी और हाइपोथैलेमस ग्रंथियों को प्रभावित करके पूरे शरीर में हार्मोन की नियमितता बनाए रखती है।
साथ ही, मेलाटोनिन शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है, कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से बचाता है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी करता है। यह ग्रंथि बच्चों में सबसे सक्रिय होती है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इसकी कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम हो जाती है।
- छोटी होने के बावजूद, पीनियल ग्रंथि हमारे जीवन पर बड़ा असर डालती है। नींद, मूड, मानसिक स्पष्टता और आत्मचेतना सब कुछ इसी पर निर्भर है। इसे सक्रिय रखने के लिए कुछ सरल उपाय फायदेमंद हैं:
- सुबह हल्की धूप में 5–10 मिनट बैठना
- ध्यान और प्राणायाम करना
- हल्दी और काली मिर्च वाला दूध पीना
- शुद्ध पानी पीना और फ्लोराइड से बचना
- मोबाइल और लैपटॉप की नीली रोशनी से दूरी बनाए रखना
- सही समय पर सोना
ये आदतें पीनियल ग्रंथि को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने में मदद करती हैं। (With inputs from IANS)