ऐसे योगासन, जो हर महिला को जरूर करने चाहिए

आज कल की भाग दौड़ वाली जिंदगी में महिलाएं जोकि सबका ध्यान रखती हैं कहीं ना कहीं अपने आप को ही भूल जाती हैं l

Update: 2026-04-02 06:08 GMT

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाओं के लिए फिट और स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन भी बनाए रखता है। जानें ऐसे योगासन के बारे में, जो हर महिला को अपनी दिनचर्या में शामिल करने चाहिए। इससे शरीर को कई तरह के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ हो सकते हैं.

महिलाओं के लिए योग के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ

हार्मोन संतुलन में मददगार- योग महिलाओं के शरीर में हार्मोन को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह पीरियड्स की अनियमितता और पीसीओडी जैसी समस्याओं में भी लाभकारी होता है।

तनाव और चिंता को कम करता है- योग और प्राणायाम से मानसिक शांति मिलती है। नियमित अभ्यास से तनाव, डिप्रेशन और चिंता जैसी समस्याएं कम होती हैं।

वजन घटाने में सहायक- योग शरीर की चर्बी को कम करने और मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में मदद करता है। इससे वजन नियंत्रित रहता है और शरीर फिट बनता है।

त्वचा में निखार लाता है- योग करने से रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे त्वचा पर प्राकृतिक ग्लो आता है और एजिंग के लक्षण कम होते हैं।

हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है- योगासन शरीर को लचीला बनाते हैं और हड्डियों को मजबूत करते हैं, जिससे बढ़ती उम्र में भी महिलाएं एक्टिव रहती हैं।

बेहतर नींद में सहायक- योग से नींद की गुणवत्ता सुधरती है और अनिद्रा की समस्या दूर होती है।

महिलाओं को करने चाहिए ये योगासन- एक्‍सपर्ट की राय

मोरारजी देसाई नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ योगा में योगा इंस्‍ट्रक्‍टर हरप्रीत कौर सोढी बताती हैं,


'आज कल की भाग दौड़ वाली जिंदगी में महिलाएं जोकि सबका ध्यान रखती हैं कहीं ना कहीं अपने आप को ही भूल जाती हैं। जिससे रोजमर्रा की जिंदगी में कई सारी चुनौतियां और उनके जीवन में स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां जैसे कि बिमारियों से ग्रसित हो जाने के रूप में सामने आता है। आजकल महिलाओं में तनाव, थायराइड, मोटापा, पीसीओडी, इनफर्टिलिटी, मधुमेह जैसी कई अन्य बीमारियां आम बात हो गई है। परंतु योग के माध्यम से हम इन सभी परेशानियों को अपनी जिंदगी से दूर कर सकते है और सुंदर व खुशहाल जीवन व्यतीत कर सकते हैं। योग अभ्यास जिनमें महिलाएं सूर्य नमस्कार, पश्चिमोत्तानासन, भद्रासन, बालासन, विपरीत करनी आसन करके शारीरिक स्तर पर स्वस्थ हो सकती हैं।और नाडी शोधन प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम, व ध्यान का अभ्यास करके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ एकाग्रता को भी बढ़ा सकती हैं' 

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