बिना तनाव के बेचैनी, घबराहट और दिल जोर से धड़कना, पेट से जुड़ा है कनेक्शन

बिना तनाव के महसूस होने वाली बेचैनी, घबराहट और दिल की तेज धड़कन का पेट और पाचन तंत्र से संबंध है।

Update: 2026-04-08 14:15 GMT

नई दिल्ली: अचानक बिना किसी तनाव के बेचैनी, घबराहट या दिल की तेज धड़कन महसूस होने पर इसका कारण तनाव नहीं, बल्कि पेट में होने वाली गड़बड़ी हो सकती है।आम तौर पर दिल में होने वाली बेचैनी को लोग तनाव या हृदय रोगों से जोड़कर देखते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर पेट के पाचन में परेशानी होती है, तो उसका असर हृदय पर भी देखने को मिलता है।

जब पाचन ठीक नहीं होता, गैस बनती है, पेट में भारीपन रहता है, तो उसका असर सीधे मन और दिल की धड़कन पर पड़ सकता है। इसलिए बार-बार घबराहट, गैस, अपच, कब्ज या पेट फूलने की समस्या को नजरअंदाज न करें।

आयुर्वेद में पेट का संबंध मन से होता है। अगर पेट खराब है तो मन भी खराब होगा। जब पेट में पाचन की परेशानी के कारण गैस बनती है, तो उसका दबाव पेट पर पड़ता है और गैस सिर की तरह जाने लगती है। इससे कई बार सीने में जलन और दर्द की शिकायत भी होती है, जिसे लोग हार्ट अटैक मानकर घबरा जाते हैं, लेकिन यह खराब पाचन का संकेत है। इससे घबराहट और बेचैनी दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

इसके साथ ही अगर बार-बार गैस बनने की परेशानी, खट्टी डकार या सिर्फ कब्ज की परेशानी होती है, तो यह शरीर में आम (टॉक्सिन) बनने का संकेत हैं। जब शरीर में टॉक्सिन की समस्या बढ़ जाती है तो कब्ज और पाचन के विकार जल्दी-जल्दी होने लगते हैं और ऐसे में शुद्धिकरण बहुत जरूरी है।

यह समस्या उन लोगों में देखी जाती है, जो देर रात खाना खाते हैं, खाने के बाद टहलने की बजाय एक जगह बैठ जाते हैं, फिर ज्यादा तला और भुना खाते हैं, अधिक तनाव लेते हैं, और जिनका पेट साफ नहीं होता। यह सभी पाचन को मंद भी कर देते हैं। इससे बचने के लिए हमेशा समय पर खाना खाएं और खाने के बाद टहलें जरूर। देर रात खाना खाने से बचना चाहिए। अगर पेट साफ नहीं होता है तो रात को सौंफ और मिश्री का सेवन जरूर करें। अगर पेट साफ रहेगा तो शरीर में टॉक्सिन की परेशानी नहीं होगी। (With inputs from IANS)

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