AIIMS डॉक्टर ने बताया कैसे अपने लिवर का रखें ख्याल, बस अपने डाइट में शामिल करें ये तीन सब्जियां

लिवर को स्वस्थ्य रखने के लिए अपने डाइट में कुछ सब्जियां को शामिल कर सकते हैं.

Update: 2026-03-28 06:45 GMT

समस्या न हो जाए. ज़्यादातर लोग वजन, पाचन या शुगर लेवल पर ध्यान देते हैं, लेकिन लिवर चुपचाप बैकग्राउंड में बहुत सारे काम संभालता है. यह पोषक तत्वों को प्रोसेस करने, जहरीले पदार्थों को फिल्टर करने, मेटाबॉलिज़्म को सपोर्ट करने और शरीर के कुल एनर्जी लेवल में बड़ी भूमिका निभाता है. अच्छी बात ये है कि? खाने-पीने की छोटी-छोटी चीजें रोजाना आपके लिवर को स्वस्थ्य रखने में मदद करती है. आपको हमेशा मुश्किल डाइट या बहुत ज़्यादा डिटॉक्स प्लान की जरूरत नहीं होती. साधारण सब्जियां, जिन्हें नियमित रूप से खाया जाए, समय के साथ फर्क ला सकती हैं.

AIIMS, हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से ट्रेंड गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होंने उन तीन सब्ज़ियों के बारे में बताया है, जिन्हें वह लिवर की सेहत के लिए हर हफ़्ते खाते हैं. उनकी पसंद की सब्ज़ियां आसान, आसानी से मिलने वाली और इस बात पर आधारित हैं कि वे शरीर के अंदर कैसे काम करती हैं. अगर आप अपने लिवर का ख्याल रखना चाहते हैं तो इन सब्जियों का सेवन करना शुरू कर दें.

1. चुकंदर

डॉ. सेठी बताते हैं कि चुकंदर में 'बीटालेन्स' नाम के कंपाउंड भरपूर मात्रा में होते हैं. इन्हीं की वजह से चुकंदर का रंग गहरा लाल होता है. वह बताते हैं कि ये कंपाउंड शरीर में 'ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस' को कम करने में मदद करते हैं. कम ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का मतलब है लिवर पर कम जोर पड़ना और उसका बेहतर काम करना.

2. ब्रोकली (और दूसरी क्रूसिफ़ेरस सब्ज़ियाँ)

अगली सब्ज़ी है ब्रोकली. इसमें 'सल्फ़ोराफेन' होता है, जो लिवर के प्राकृतिक डिटॉक्स तरीकों को सपोर्ट करता है. आसान शब्दों में कहें तो, यह आपके लिवर को अपना काम बेहतर तरीके से करने में मदद करता है. अगर ब्रोकली आपकी पसंदीदा सब्ज़ी नहीं है, तो वह पत्तागोभी या फूलगोभी जैसे मिलते-जुलते विकल्प सुझाते हैं. ये भी वैसे ही फायदे देते हैं और इन्हें रोज़ाना के खाने में शामिल करना आसान होता है.

3. करेला

करेला, ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में अपनी भूमिका के लिए जाना जाता है. डॉ. सेठी बताते हैं कि यह 'इंसुलिन सेंसिटिविटी' को बेहतर बनाने में मदद करता है. यह इसलिए जरूरी है, क्योंकि 'इंसुलिन रेजिस्टेंस' ही 'फ़ैटी लिवर' के मुख्य कारणों में से एक है. इंसुलिन के काम को सपोर्ट करने से लिवर की सेहत को भी परोक्ष रूप से सपोर्ट मिलता है.

जैसा कि डॉ. सेठी बताते हैं कि यह तुरंत ठीक होने के उपायों के बजाय, लगातार खाने के बारे में ज़्यादा फायदेमंद है.आपको अपनी डाइट में रातों-रात कोई बड़ा बदलाव करने की जरूरत नहीं है.अपनी हफ़्ते भर की डाइट में इनमें से एक या दो सब्ज़ियों को शामिल करें. हालांकि लिवर या आपके शरीर में किसी भी तरह की तकलीफ हो तो उसे डॉक्टर से चेक कराएं.

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