पीठ दर्द और कंधों की अकड़न से राहत पाने के लिए करें उत्तानमंडूकासन

लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप पर काम करना, गलत पॉश्चर में बैठना और तनावपूर्ण दिनचर्या शरीर को धीरे-धीरे थका देती है।

Update: 2026-02-02 08:15 GMT

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर पर काम करना आम हो गया है। घंटों तक एक ही स्थिति में बैठना, गलत पॉश्चर और लगातार मानसिक तनाव का असर धीरे-धीरे शरीर पर दिखने लगता है। इसका सबसे पहला संकेत अक्सर गर्दन में दर्द, कंधों की जकड़न और पीठ में खिंचाव के रूप में सामने आता है। अगर समय रहते इन समस्याओं पर ध्यान न दिया जाए, तो ये आगे चलकर गंभीर परेशानी का कारण बन सकती हैं। ऐसे में नियमित योग अभ्यास, विशेषकर उत्तानमंडूकासन, बेहद लाभकारी साबित हो सकता है।

योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवनशैली है, जो शरीर और मन के बीच संतुलन स्थापित करती है। जब योग को रोज़मर्रा की दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाता है और साथ ही जीवन में थोड़ा अनुशासन लाया जाता है, तो इसके सकारात्मक प्रभाव जल्द ही महसूस होने लगते हैं। उत्तानमंडूकासन ऐसा ही एक सरल लेकिन प्रभावशाली आसन है, जो शरीर को भीतर से ऊर्जा से भर देता है और थकान को दूर करने में मदद करता है।

उत्तानमंडूकासन विशेष रूप से पीठ दर्द से परेशान लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को उचित खिंचाव देता है, जिससे जकड़न कम होती है और लचीलापन बढ़ता है। इसके नियमित अभ्यास से गर्दन से जुड़ी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है, जो आजकल बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक एक आम समस्या बन चुकी है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से होने वाले सर्वाइकल पेन में यह आसन काफी सहायक हो सकता है।

इसके अलावा, यह आसन कंधों के आसपास जमा तनाव और अकड़न को धीरे-धीरे कम करता है। कंधे हल्के और खुले महसूस होने लगते हैं, जिससे रोज़मर्रा की गतिविधियां करना आसान हो जाता है। उत्तानमंडूकासन के दौरान छाती का विस्तार होता है, जिससे फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होती है। इससे सांस गहरी और सहज बनती है, शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है और थकावट कम महसूस होती है।

उत्तानमंडूकासन का प्रभाव केवल मांसपेशियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पाचन तंत्र पर भी सकारात्मक असर डालता है। इस आसन से पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे पाचन क्रिया सक्रिय होती है। गैस, अपच और पेट भारी रहने जैसी समस्याओं में भी इससे लाभ मिल सकता है।

कुल मिलाकर, उत्तानमंडूकासन एक ऐसा योगासन है जो आज की जीवनशैली से जुड़ी कई शारीरिक समस्याओं में राहत दे सकता है। यदि इसे सही विधि और नियमितता के साथ किया जाए, तो यह शरीर को स्वस्थ, लचीला और ऊर्जावान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

With Inputs From IANS

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