स्वाद और सेहत का साथी हींग, पाचन से लेकर वजन घटाने तक में फायदेमंद

हींग एक प्राकृतिक मसाला है जो पाचन सुधारने और वजन नियंत्रण में मदद करता है।

Update: 2026-01-20 15:15 GMT

नई दिल्ली: भारतीय रसोई में हींग एक आम और जरूरी मसाला है, जिसे दाल, सब्जी, अचार और तड़के में बड़े चाव से इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि लोग इसे सिर्फ स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए मानते हैं, आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में इसे औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, हींग केवल मसाला नहीं है, बल्कि यह कई स्वास्थ्य समस्याओं से लड़ने और शरीर को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह पाचन तंत्र को सुधारता है, गैस, अपच, ब्लोटिंग, कब्ज और पेट दर्द जैसी परेशानियों से राहत देता है। हींग में मौजूद प्राकृतिक तत्व पेट की मांसपेशियों को आराम देते हैं और पाचन एंजाइम्स की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं। गर्म पानी या दूध में एक चुटकी हींग मिलाकर पीने से पाचन संबंधी तकलीफें दूर होती हैं।

हींग मस्तिष्क के लिए भी लाभकारी है। इसे आयुर्वेद में ब्रेन टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जो मानसिक थकान और तनाव को कम करके याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाता है। इसके ब्लड-थिनिंग गुण रक्त वाहिकाओं को आराम देते हैं, हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रित करते हैं और हृदय स्वास्थ्य में सुधार लाते हैं।

हींग पाचन सुधारकर वजन नियंत्रण में मदद करता है और अतिरिक्त कैलोरी जमा होने से रोकता है। पेट दर्द, माइग्रेन या तनाव से जुड़े सिरदर्द में भी यह प्रभावी है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन कम करते हैं और दर्द से राहत देते हैं। इसके अलावा, यह सर्दी-खांसी और बलगम जैसी श्वसन समस्याओं में फायदेमंद है, क्योंकि इसमें एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। यह त्वचा के संक्रमण, फोड़े-फुंसी और घाव भरने में भी मदद करता है।

छोटा सा यह मसाला न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि रोजमर्रा की सेहत के लिए भी वरदान है। हालांकि, हींग का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। अत्यधिक मात्रा से सिरदर्द हो सकता है, और गर्भवती महिलाओं या बच्चों को इसे केवल डॉक्टर की सलाह से ही इस्तेमाल करना चाहिए। (With inputs from IANS)

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