ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में बड़ी कामयाबी, अब मात्र एक 'ब्लड टेस्ट' बताएगा कितनी प्रभावी होगी दवा

वैज्ञानिकों ने ऐसा DNA ब्लड टेस्ट बनाया है, जो उपचार शुरू होने से पहले ही यह बता सकता है कि मरीज पर दवा का असर कैसा होगा

Update: 2026-01-20 08:00 GMT

दुनिया भर में हर साल 20 लाख से अधिक लोग ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) की चपेट में आते हैं. हालांकि पिछले कुछ दशकों में इसके उपचार में काफी सुधार हुआ है, लेकिन डॉक्टरों के लिए यह जानना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहता है कि कौन सी दवा किस मरीज पर सबसे बेहतर असर करेगी.

अब, इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर रिसर्च (ICR), लंदन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा DNA ब्लड टेस्ट (Liquid Biopsy) विकसित किया है, जो उपचार शुरू होने से पहले ही यह बता सकता है कि मरीज पर दवा का असर कैसा होगा.

कैसे काम करता है यह नया टेस्ट?

यह टेस्ट खून में मौजूद सर्कुलेटिंग ट्यूमर DNA (ctDNA) का विश्लेषण करता है. जब कैंसर कोशिकाएं नष्ट होती हैं, तो वे खून में सूक्ष्म मात्रा में अपना DNA छोड़ती हैं. रिसर्चर ने 167 मरीजों के खून के सैंपल की जांच की. यह टेस्ट उपचार शुरू होने से पहले और उपचार के पहले चक्र (चार सप्ताह) के बाद किया गया. रिसर्च में पाया गया कि उपचार की शुरुआत में खून में ctDNA का लेवल कम होना बेहतर रिकवरी और सकारात्मक परिणामों का संकेत है.

मरीजों के लिए 'गेमचेंजर' साबित होगी यह खोज

ICR की क्लिनिकल रिसर्च फेलो डॉ. इसेल्ट ब्राउन के अनुसार, "यह टेस्ट शुरुआती चरण में ही यह बता सकता है कि दवा काम कर रही है या नहीं. इससे मरीजों को ऐसी दवाओं के दुष्प्रभावों से बचाया जा सकेगा जो उन पर बेअसर हैं, और समय रहते उन्हें वैकल्पिक उपचार (जैसे क्लिनिकल ट्रायल या अन्य थेरेपी) दिए जा सकेंगे.

यह शोध ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (एक आक्रामक प्रकार) और अन्य म्यूटेशन वाले मरीजों पर किया गया. परिणाम चौंकाने वाले थे. जिन मरीजों में ctDNA का स्तर कम था, उनमें 'प्रोग्रेशन-फ्री सर्वाइवल' (कैंसर के बिना जीवित रहने की अवधि) 10.2 महीने रही, जबकि उच्च स्तर वाले मरीजों में यह केवल 4.4 महीने थी. कम ctDNA वाले 40% मरीजों का ट्यूमर सिकुड़ गया या गायब हो गया.

उपचार के केवल चार सप्ताह बाद, जिन मरीजों के रक्त में ctDNA नहीं पाया गया, उनकी स्थिति में 12 महीने तक सुधार देखा गया.

भविष्य की उम्मीद

प्रोफेसर निकोलस टर्नर ने बताया कि हालांकि यह रिसर्च अभी 'एडवांस्ड ब्रेस्ट कैंसर' पर केंद्रित था, लेकिन यह तकनीक अर्ली-स्टेज ब्रेस्ट कैंसर के लिए भी उतनी ही प्रभावी हो सकती है. यह लिक्विड बायोप्सी उपचार के निर्णयों को तेज, अधिक व्यक्तिगत (Personalized) और प्रभावी बनाने की क्षमता रखती है.

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