अगर दिख रहे '3पी' लक्षण तो हो जाएं अलर्ट, कहीं पास तो नहीं आ रहा डायबिटीज का खतरा?
तीन ‘P’ लक्षण दिखें तो सतर्क रहें, ये डायबिटीज के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
नई दिल्ली: डायबिटीज मेलिटस एक मेटाबोलिक विकार है, जिसमें रक्त में ग्लूकोज (शुगर) का स्तर लगातार बढ़ा रहता है। इसका मुख्य कारण या तो शरीर में इंसुलिन का पर्याप्त उत्पादन न होना या इंसुलिन का सही उपयोग न कर पाना है। आयुष मंत्रालय ने लोगों को इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों की जानकारी देकर जागरूक किया है।
“तीन पी” – डायबिटीज के क्लासिकल लक्षण
डायबिटीज के सबसे आम लक्षणों को 'तीन पी' कहा जाता है:
पॉलीयूरिया (Polyuria) – बार-बार और अधिक पेशाब आना। उच्च ब्लड शुगर के कारण किडनी अतिरिक्त ग्लूकोज को बाहर निकालने की कोशिश करती है।
पॉलीडिप्सिया (Polydipsia) – बहुत अधिक प्यास लगना। पेशाब की अधिकता से शरीर में पानी की कमी हो जाती है।
पॉलीफेजिया (Polyphagia) – अत्यधिक भूख लगना। शरीर को ऊर्जा के लिए ग्लूकोज पर्याप्त नहीं मिलता, जिससे भूख बढ़ती है, लेकिन वजन कम होता रहता है।
अन्य संकेत और चेतावनी
बिना कारण वजन कम होना
लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
विशेषज्ञों के अनुसार, इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत ब्लड शुगर जांच करवाएं। समय पर निदान से हृदय रोग, किडनी समस्या, आंखों की परेशानी और नसों को नुकसान जैसी गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
जीवनशैली और प्रबंधन
डायबिटीज के शुरुआती चरण में जीवनशैली में बदलाव, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और आवश्यक दवाओं से इसे प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। आयुष मंत्रालय आयुर्वेद, योग और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से डायबिटीज प्रबंधन पर जोर देता है। नियमित जांच और जागरूकता से इस रोग के प्रभाव को कम किया जा सकता है। (With inputs from IANS)