KFD (मंकी फीवर) के खिलाफ भारत की बड़ी उपलब्धि, ICMR ने शुरू किया वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल

भारत में क्यासानूर फॉरेस्ट डिजीज (KFD), जिसे आम भाषा में 'मंकी फीवर' भी कहा जाता है, इस दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है.

Update: 2026-02-09 15:15 GMT

भारत में क्यासानूर फॉरेस्ट डिजीज (KFD), जिसे आम भाषा में 'मंकी फीवर' भी कहा जाता है, के खिलाफ एक बेहतर टीका विकसित करने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को घोषणा की कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने इस घातक बीमारी के नए टीके का इंसानों पर क्लीनिकल ट्रायल (Phase-I) शुरू कर दिया है.

क्या है KFD और क्यों है यह खतरनाक?

क्यासानूर फॉरेस्ट डिजीज मुख्य रूप से पश्चिमी घाट के क्षेत्रों जैसे कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, गोवा और महाराष्ट्र में फैलने वाली एक संक्रामक बीमारी है. कर्नाटक सरकार के अनुरोध पर ICMR ने इस स्वदेशी टीके को विकसित करने की जिम्मेदारी उठाई थी.

वैक्सीन की खासियत: पूरी तरह स्वदेशी

मंत्रालय के अनुसार, इस टीके को निम्नलिखित विशेषताओं के साथ तैयार किया गया है. इसे 'इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड' (IIL) और 'ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी' (NIV) ने मिलकर बनाया है. यह पूरी तरह स्वदेशी 'टू-डोज एडजवेंटेड इनएक्टिवेटेड' वैक्सीन है. इस टीके की दो खुराकें 28 दिनों के अंतराल पर दी जाएंगी.

अब तक की प्रगति

टीके का जानवरों पर परीक्षण (Animal Challenge) और टॉक्सिसिटी अध्ययन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है.ड्रग कंट्रोलर (CDSCO) से मंजूरी मिलने के बाद ही फेज-I ह्यूमन ट्रायल शुरू किया गया है. अगर फेज-I के परिणाम सफल रहते हैं, तो आगे के क्लीनिकल ट्रायल किए जाएंगे. सुरक्षा और प्रभावशीलता (Immunogenicity) सिद्ध होने के बाद इसे आम जनता के लिए उपलब्ध कराया जाएगा.

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