उत्तराखंड आयुष्मान योजना में बड़ा बदलाव, मोतियाबिंद का फ्री इलाज बंद, अब 'इंश्योरेंस मोड' में चलेगी योजना

उत्तराखंड सरकार ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना में बदलाव किए हैं.

Update: 2026-01-29 08:00 GMT

उत्तराखंड सरकार ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के संचालन को लेकर एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है. योजनाओं में वित्तीय अनुशासन (Financial Discipline) लाने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से सरकार ने कई पुराने प्रावधानों और प्रोत्साहन राशियों (Incentives) को समाप्त कर दिया है. स्वास्थ्य सचिव की ओर से इस संबंध में आधिकारिक शासनादेश भी जारी कर दिया गया है.

मोतियाबिंद सर्जरी अब योजना से बाहर

इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उन लाभार्थियों पर पड़ेगा जो मोतियाबिंद का मुफ्त इलाज कराना चाहते थे। सरकार ने अटल आयुष्मान योजना (राज्य पोषित) के तहत मोतियाबिंद सर्जरी (Cataract Surgery) की सुविधा को समाप्त कर दिया है. हालांकि, राहत की बात यह है कि किडनी डायलिसिस का उपचार पहले की तरह ही मुफ्त जारी रहेगा.

इन अस्पतालों की प्रोत्साहन राशि (Incentive) हुई खत्म

वित्तीय बोझ कम करने के लिए सरकार ने अस्पतालों को मिलने वाले अतिरिक्त बोनस में कटौती की है.यहां के सूचीबद्ध (EHCP) अस्पतालों को मिलने वाली 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि अब नहीं मिलेगी.

पर्वतीय क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अन्य मैदानी हिस्सों में स्थित 'एंट्री लेवल एनएबीएच' अस्पतालों को मिलने वाला 10% अतिरिक्त इंसेंटिव भी बंद कर दिया गया है. मल्टीपल इंसेंटिव: अब विभिन्न पैकेज दरों पर मिलने वाले एक से अधिक इंसेंटिव के बजाय, केवल एक श्रेणी में अधिकतम अनुमन्य प्रोत्साहन ही दिया जाएगा।

बीमा मोड (Insurance Mode) में होगा संचालन

अब तक ट्रस्ट मोड या अन्य माध्यमों से चल रही इन योजनाओं को अब पूरी तरह से इंश्योरेंस मोड में संचालित किया जाएगा. इसके लिए बीमा कंपनियों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरएफपी (RFP) तैयार कर शासन को सौंपी जाएगी।

ESI कार्ड धारकों के लिए नए नियम

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ESI (कर्मचारी राज्य बीमा) कार्ड धारकों को अब राज्य पोषित अटल आयुष्मान योजना के दायरे से अलग कर दिया गया है. इसके अलावा, सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को भी चरणबद्ध (Step-by-step) तरीके से समाप्त किया जाएगा.

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