AIIMS दिल्ली का चमत्कार, बच्ची के खाने की नली में फंसा था लोहे का स्प्रिंग, डॉक्टरों ने बचाई जान
AIIMS दिल्ली का चमत्कार कर दिखाया है. बच्ची के खाने की नली में फंसा था लोहे का स्प्रिंग निकाला.
हरियाणा के यमुनानगर की एक नन्ही बच्ची पिछले एक हफ्ते से लगातार उल्टियां कर रही थी. माता-पिता को लग रहा था कि शायद पेट में कोई सामान्य समस्या है. लेकिन जब बच्ची ने खाना-पीना बिल्कुल छोड़ दिया, तब एक्स-रे में जो दिखा उसने सबको हैरान कर दिया. बच्ची की खाने की नली (Esophagus) के ऊपरी हिस्से में एक धातु का स्प्रिंग फंसा हुआ था.
चुनौतीपूर्ण और जानलेवा स्थिति
बच्ची ने स्प्रिंग कब निगला, इसका किसी को पता नहीं चला. स्प्रिंग इतने लंबे समय तक अंदर रहा कि वहां सूजन और गहरे जख्म (Ulceration) हो गए थे. एक निजी अस्पताल में एंडोस्कोपी के जरिए इसे निकालने की कोशिश की गई, लेकिन स्प्रिंग बुरी तरह धंसा हुआ था. जरा सी भी जबरदस्ती करने पर खाने की नली फट सकती थी, जो जानलेवा साबित होता. इसी जोखिम को देखते हुए बच्ची को तुरंत AIIMS नई दिल्ली रेफर किया गया.
AIIMS में विशेषज्ञ टीम का कौशल
AIIMS में डॉ. विशेष जैन के नेतृत्व में पीडियाट्रिक सर्जरी यूनिट ने कमान संभाली. स्थिति बेहद नाजुक थी, एंडोस्कोपी से पुष्टि हुई कि स्प्रिंग नली की दीवार में आंशिक रूप से समा गया था. डॉक्टरों के सामने दो रास्ते थे, जोखिम भरी एंडोस्कोपी या ओपन सर्जरी.
डॉक्टरों ने बहुत ही सावधानी से और नियंत्रित तरीके से स्प्रिंग को घुमाते हुए धीरे-धीरे बाहर निकाला. सबसे बड़ी राहत तब मिली जब जांच में पता चला कि खाने की नली फटी नहीं थी. डॉ. पारिन की देखरेख में एनेस्थीसिया के सटीक प्रबंधन ने इस जटिल प्रक्रिया को सफल बनाने में मदद की.
माता-पिता के लिए एक गंभीर चेतावनी
यह मामला हर उस माता-पिता के लिए सबक है जिनके घर में छोटे बच्चे हैं. रोजमर्रा की चीजें जैसे सिक्के, बटन बैटरी, खिलौनों के छोटे हिस्से या स्प्रिंग कुछ ही सेकंड में घातक बन सकते हैं.
इन संकेतों को कभी न करें नजरअंदाज
- बार-बार उल्टियां होना.
- खाना खाने से पूरी तरह इनकार करना.
- मुंह से लार (Drooling) टपकना.
- असामान्य चिड़चिड़ापन महसूस होना.