नागालैंड में ड्रोन आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समझौता, दुर्गम इलाकों तक पहुंचेगी मेडिकल मदद
नागालैंड में ड्रोन के जरिए दुर्गम इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के लिए समझौता हुआ।
कोहिमा: नागालैंड में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य में ड्रोन तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को कोहिमा में योजना एवं परिवर्तन विभाग के अंतर्गत नागालैंड जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनजीआईएसआरएससी) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के बीच यह एमओए साइन हुआ। इसके तहत राज्य की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में ड्रोन तकनीक को शामिल किया जाएगा।
अधिकारी ने बताया कि यह सहयोग नागालैंड के दुर्गम, पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने में मदद करेगा। ड्रोन के माध्यम से आपातकालीन मेडिकल सप्लाई पहुँचाई जाएगी और बीमारी फैलने या प्राकृतिक आपदाओं के समय त्वरित प्रतिक्रिया संभव होगी।
ड्रोन तकनीक का उपयोग मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए वेक्टर कंट्रोल अभियानों में हवाई सहायता देने और जियोस्पेशियल मैपिंग के जरिए बेहतर योजना एवं निर्णय लेने में भी किया जाएगा।
एमओए के तहत एनजीआईएसआरएससी ड्रोन संचालन, क्षमता निर्माण, डेटा विश्लेषण और सभी नियामक नियमों का पालन सुनिश्चित करेगा, जबकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग लॉजिस्टिक सहयोग, समन्वय और तैनाती की योजना बनाएगा।
एनजीआईएसआरएससी के सीनियर प्रोजेक्ट डायरेक्टर म्हाथुंग किथान ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में उभरती तकनीकों को शामिल करना आवश्यक है, और ड्रोन तकनीक अपनाने से पहाड़ी राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की दक्षता में सुधार होगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रधान निदेशक मेरेनिनला सेनलेम ने कहा कि यह सहयोग आपात स्थितियों और आपदाओं के दौरान राज्य की तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करेगा। आपात स्वास्थ्य अभियानों और आपदा के समय आवश्यक मेडिकल सामग्री की समय पर आपूर्ति में यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह एमओए नागालैंड को तकनीक-सक्षम और मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली की ओर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है और जनकल्याण के लिए उभरती तकनीकों के उपयोग में अंतर-विभागीय सहयोग का मॉडल प्रस्तुत करता है। (With inputs from IANS)