निपाह वायरस का अलर्ट, बांग्लादेश में एक महिला की मौत, भारत में भी मिले मामले
बांग्लादेश में यह मामला ऐसे समय में आया है जब कुछ ही हफ्ते पहले भारत के पश्चिम बंगाल में भी निपाह के दो मामले सामने आए थे.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार (6 फरवरी, 2026) को पुष्टि की है कि उत्तरी बांग्लादेश में जनवरी के अंत में निपाह वायरस (Nipah Virus) के कारण एक महिला की मौत हो गई. बांग्लादेश में यह मामला ऐसे समय में आया है जब कुछ ही हफ्ते पहले भारत के पश्चिम बंगाल में भी निपाह के दो मामले सामने आए थे. इन मामलों के बाद पूरे एशिया के हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग तेज कर दी गई है.
कैसे हुआ संक्रमण?
WHO के अनुसार, मृतक महिला की उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच थी. उसमें 21 जनवरी को बुखार और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखे, जिसके बाद लार टपकना (Hypersalivation), मानसिक भ्रम और दौरे पड़ने जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई. संक्रमण के एक हफ्ते बाद महिला की मृत्यु हो गई.जांच में पाया गया कि महिला ने हाल ही में कोई यात्रा नहीं की थी, लेकिन उसने खजूर का कच्चा रस (Raw Date Palm Sap) पिया था। खजूर का कच्चा रस अक्सर संक्रमित चमगादड़ों द्वारा दूषित कर दिया जाता है, जो इस वायरस के फैलने का मुख्य कारण है.
संपर्क में आए लोगों की निगरानी
राहत की बात यह है कि महिला के संपर्क में आए सभी 35 लोगों की पहचान कर ली गई है. उन सभी की रिपोर्ट फिलहाल नेगेटिव आई है और अब तक कोई नया मामला सामने नहीं आया है. 2025 में भी बांग्लादेश में निपाह के चार घातक मामले दर्ज किए गए थे.
एशियाई देशों में हाई अलर्ट
भारत के पश्चिम बंगाल में मामले मिलने के बाद मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया और पाकिस्तान जैसे देशों ने अपने हवाई अड्डों पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग शुरू कर दी है. हालांकि, WHO का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बीमारी के फैलने का जोखिम अभी कम है, इसलिए यात्रा या व्यापार पर किसी भी प्रकार के प्रतिबंध की सिफारिश नहीं की गई है.
निपाह वायरस: मुख्य जानकारी
यह मुख्य रूप से संक्रमित चमगादड़ों (Bat) द्वारा दूषित फलों या उत्पादों के जरिए फैलता है.निपाह वायरस 40% से 75% मामलों में जानलेवा साबित हो सकता है. वर्तमान में इस संक्रमण के लिए कोई विशेष लाइसेंस प्राप्त दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है.
बचाव के लिए क्या करें?
- पेड़ों से गिरे हुए आधे खाए हुए फलों का सेवन न करें.
- खजूर का कच्चा रस पीने से बचें.
- फलों को अच्छी तरह धोकर और छीलकर ही खाएं.
- संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से बचें और मास्क का उपयोग करें.