ब्रेस्ट कैंसर से बचाव, किशोरियों के लिए 'फिजिकल एक्टिविटी' क्यों है जरूरी? नई रिसर्च में बड़ा खुलासा
फिजिकल गतिविधियों में भाग लेने वाली लड़कियों में भविष्य में ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) का खतरा काफी कम हो सकता है.
हाल ही में हुए एक वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, जो किशोरियां (Adolescent girls) नियमित रूप से खेल-कूद या शारीरिक गतिविधियों में भाग लेती हैं, उनमें भविष्य में ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) का खतरा काफी कम हो सकता है. अमेरिका के कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेलमैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के रिसर्चर ने पाया कि शारीरिक गतिविधि न केवल फिटनेस के लिए जरूरी है, बल्कि यह ब्रेस्ट के टीशू (Breast tissues) की बनावट और तनाव से जुड़े बायोमार्कर में सकारात्मक बदलाव लाती है.
खेल-कूद के फायदे
- यह शोध 'ब्रेस्ट कैंसर रिसर्च' (Breast Cancer Research) नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है. जिसमें कई सारी बातें बताई गई है.
- कम ब्रेस्ट डेंसिटी:जिन लड़कियों ने प्रति सप्ताह कम से कम दो घंटे शारीरिक गतिविधि की, उनके स्तन के ऊतकों में पानी की मात्रा (Water content) कम पाई गई. यह कम 'ब्रेस्ट डेंसिटी' का संकेत है, जिसे भविष्य में कैंसर के कम जोखिम से जोड़कर देखा जाता है.
- तनाव में कमी: सक्रिय रहने वाली लड़कियों के यूरिन सैंपल में तनाव (Stress) से जुड़े बायोमार्कर का स्तर भी कम मिला.
- किशोरावस्था स्तन विकास का सबसे संवेदनशील समय होता है. इस दौरान की गई एक्सरसाइज शरीर के बायोलॉजिकल पाथवे को कैंसर के जोखिम के खिलाफ सुरक्षित बनाती है.
कम होती फिजिकल एक्टिविटी चिंता का विषय
कोलंबिया मेलमैन स्कूल में महामारी विज्ञान की सहायक प्रोफेसर रेबेका केहम ने कहा, "यह रिसर्च इसलिए भी जरूरी है क्योंकि कम उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, जबकि किशोरियों में शारीरिक गतिविधि का स्तर चिंताजनक रूप से कम हो गया है."
इस स्टडी में शामिल 16 साल की औसत आयु वाली लड़कियों के डेटा से चौंकाने वाली बातें सामने आईं है.
51 प्रतिशत लड़कियों ने पिछले एक सप्ताह में किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि नहीं की थी.
73 प्रतिशतलड़कियों ने किसी भी संगठित खेल (Organized sports) में हिस्सा नहीं लिया.
बचाव का रास्ता
यह रिसर्च वयस्कों पर हुए पिछले स्टडी की पुष्टि करता है, जो बताते हैं कि अधिक एक्सरसाइज करने वाली महिलाओं की 'मैमोग्राफिक ब्रेस्ट डेंसिटी' कम होती है. रिसर्चर का मानना है कि किशोरावस्था से ही एक्टिव जीवनशैली अपनाना भविष्य में कैंसर जैसे गंभीर रोगों से बचने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है.