नशीले पदार्थों के खिलाफ जंग में भारत के साथ काम कर रहा अमेरिका

नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में भारत और अमेरिका मिलकर सहयोग और रणनीति के तहत काम कर रहे हैं।

Update: 2026-02-07 05:45 GMT

न्यूयॉर्क: नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही मुहिम में भारत के साथ सहयोग को मजबूत करते हुए अमेरिका ने भारत से जुड़े एक ऑनलाइन ड्रग तस्करी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह नेटवर्क अमेरिका में ड्रग ओवरडोज से हुई छह मौतों से जुड़ा पाया गया है।

अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसी (डीईए) ने “ऑपरेशन मेल्टडाउन” के तहत चार लोगों को गिरफ्तार किया है और भारत स्थित एक ट्रांसनेशनल क्रिमिनल ऑर्गेनाइजेशन (टीसीओ) से जुड़ी करीब 200 वेबसाइट्स को जब्त किया है। डीईए का कहना है कि वह भारत की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर अवैध ड्रग तस्करी में शामिल ऐसे संगठनों की पहचान, जांच और उन्हें खत्म करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

डीईए प्रशासक टेरेंस कोल ने कहा कि यह मामला दिखाता है कि कैसे विदेशी तस्कर इंटरनेट की आड़ में और हेल्थकेयर सिस्टम का दुरुपयोग कर अमेरिका में खतरनाक नशीले पदार्थों की आपूर्ति करते हैं। उन्होंने बताया कि ये वेबसाइट्स देखने में वैध ऑनलाइन फार्मेसियों जैसी थीं, लेकिन इनके जरिए अवैध रूप से दवाएं बेची जा रही थीं।

जांच में सामने आया कि इन फर्जी ऑनलाइन फार्मेसियों के जरिए बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री और शिपमेंट की जा रही थी, जो अमेरिकी कानून का उल्लंघन है। इन दवाओं में अक्सर फेंटेनिल या मेथामफेटामिन जैसे खतरनाक तत्व पाए गए, जो गंभीर स्वास्थ्य जोखिम और मौत तक का कारण बन सकते हैं।

डीईए ने हजारों ग्राहकों की पहचान की है और जांच को आगे बढ़ाने के लिए 20,000 से अधिक पत्र भेजे हैं। एजेंसी के अनुसार, यह टीसीओ वर्ष 2022 से जांच के दायरे में था। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत का सहयोग अहम है और इसी कारण भारत को ड्रग तस्करी का प्रमुख स्रोत नहीं माना जाता। (With inputs from IANS)

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