ताड़ासन से शवासन तक, कुछ मिनटों के योगासन से पाएं हाइपरटेंशन पर काबू
कुछ मिनटों के सरल योगासन अपनाकर उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है।
नई दिल्ली: हाइपरटेंशन या उच्च रक्तचाप एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे दिल, मस्तिष्क, किडनी और आंखों को नुकसान पहुंचा सकती है। यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर और दृष्टि समस्याओं का कारण बन सकती है, इसलिए इसे समय रहते नियंत्रित करना बेहद जरूरी है।
मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के अनुसार, हाइपरटेंशन का प्राकृतिक और प्रभावी प्रबंधन योग के माध्यम से संभव है। नियमित योगाभ्यास से तनाव कम होता है, रक्त संचार सुधरता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। योगासन और प्राणायाम हृदय स्वास्थ्य को मजबूत बनाते हैं और दवाओं के साथ सहायक चिकित्सा के रूप में काम करते हैं।
संस्थान द्वारा सुझाए गए प्रमुख योग अभ्यास सरल और सुरक्षित हैं। इन्हें सुबह खाली पेट या शाम को किया जा सकता है। गंभीर स्थिति में हमेशा डॉक्टर की सलाह लें और योग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में अभ्यास करें।
मुख्य योगासन:
- ताड़ासन: खड़े होकर दोनों पैरों को मिलाकर हाथ ऊपर उठाएं और हथेलियों को जोड़ें। यह रक्त संचार बढ़ाता है, मुद्रा सुधारता है और तनाव कम कर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है।
- कटिचक्रासन: कमर को बाएँ-दाएँ घुमाने वाला आसन। यह कमर की मांसपेशियां मजबूत करता, पाचन सुधारता है और तनाव कम कर ब्लड प्रेशर संतुलित रखता है।
- वज्रासन: घुटनों के बल बैठकर एड़ियों को नितंबों के नीचे रखें। यह पाचन को सुधारता और मन को शांत रखकर उच्च रक्तचाप के लक्षण कम करता है।
- मार्जरी आसन: हाथ-पैरों पर बिल्ली की तरह पीठ ऊपर-नीचे करें। रीढ़ लचीली बनती है, तनाव कम होता है और रक्त प्रवाह बेहतर होता है।
- गोमुखासन: बैठकर एक पैर को दूसरे पर रखें और हाथ पीछे जोड़ें। यह कंधों और छाती को खोलता है, सांस लेने में मदद करता और तनाव घटाकर ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है।
- वक्रासन: बैठकर कमर को घुमाने वाला आसन। रीढ़ मजबूत होती है, पाचन सुधरता है और मानसिक शांति मिलती है।
- भुजंगासन: पेट के बल लेटकर छाती उठाएं। यह फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता, तनाव कम करता और ब्लड प्रेशर संतुलित रखता है।
इसके अलावा मकरासन, अर्ध हलासन, पवनमुक्तासन, शवासन, नाड़ी शोधन प्राणायाम और भ्रामरी प्राणायाम पूर्ण विश्राम प्रदान करते हैं, तनाव घटाते हैं और पाचन सुधारते हैं। ये अभ्यास शरीर और मन को शांत रखते हुए हाइपरटेंशन रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। (With inputs from IANS)