नन्हें-मुन्हें बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए जरूरी हैं ये तीन आसन, आज से ही करें शुरू

ये तीन आसान योगासन बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

Update: 2026-02-17 08:00 GMT

नई दिल्ली: आज की बदलती और व्यस्त जीवनशैली में योग और व्यायाम का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर आयु वर्ग के लिए शारीरिक सक्रियता जरूरी है। खासकर बच्चों के लिए योग न केवल शरीर को मजबूत बनाता है, बल्कि मानसिक विकास, एकाग्रता और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नियमित योगाभ्यास से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और वे सामान्य बीमारियों से बचे रहते हैं।

अक्सर बच्चों को एक जगह बैठाकर योग कराना मुश्किल होता है, इसलिए ऐसे आसनों का चयन करना चाहिए जिन्हें वे खड़े होकर आसानी से कर सकें और जिन्हें खेल-खेल में सिखाया जा सके। आयुष मंत्रालय ने बच्चों के लिए ताड़ासन, वृक्षासन और पर्वतासन जैसे सरल लेकिन प्रभावी योगासनों की सिफारिश की है। ये तीनों आसन बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं।

ताड़ासन देखने में सरल लगता है, लेकिन इसके कई फायदे हैं। इसे करने से पैरों, टखनों और पिंडलियों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। यह रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने में मदद करता है और शरीर की मुद्रा (पोश्चर) सुधारता है। नियमित अभ्यास से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और लंबाई बढ़ने में भी सहायक माना जाता है।

वृक्षासन संतुलन और एकाग्रता बढ़ाने वाला आसन है। इसमें बच्चे को एक पैर पर खड़े होकर संतुलन बनाना होता है, जिससे पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और मानसिक स्थिरता विकसित होती है। यह आसन शरीर के समन्वय को बेहतर बनाता है और बच्चों में धैर्य तथा आत्मनियंत्रण की भावना विकसित करता है।

पर्वतासन बच्चों के लिए रोचक आसन है, क्योंकि इसमें शरीर को पर्वत के आकार में ढालना होता है। यह हाथों और पैरों को मजबूती देता है, पाचन क्रिया को सुधारता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। इससे बच्चों की लचीलापन क्षमता बढ़ती है और वे अधिक सक्रिय महसूस करते हैं।

इन तीनों आसनों को नियमित रूप से दिनचर्या में शामिल करने से बच्चों का संपूर्ण विकास संभव है। अभिभावकों और शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों को योग के लिए प्रेरित करें और इसे उनकी दैनिक आदत का हिस्सा बनाएं, ताकि वे स्वस्थ, आत्मविश्वासी और ऊर्जावान बन सकें। (With inputs from IANS)

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