क्या आप सच में हेल्दी खा रहे हैं? स्नैकिंग से जुड़ी बड़ी गलतियाँ - डॉ हरी किशन बुरुगु

Update: 2026-02-13 04:30 GMT

बहुत से लोग स्वस्थ खाने की कोशिश में “हेल्दी” दिखने वाले खाद्य पदार्थों का सहारा लेते हैं। उद्देश्य अच्छा होता है, लेकिन पोषण से जुड़ी आम गलतियाँ यहीं से शुरू होती हैं। हर हेल्दी दिखने वाला स्नैक वास्तव में स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो, यह ज़रूरी नहीं। खाने की कुछ आदतें धीरे-धीरे संतुलित आहार के फायदों को कम कर सकती हैं।

जरूरत से ज्यादा परहेज़ नुकसानदायक

पूरे फूड ग्रुप को हटा देना, पसंदीदा चीज़ों पर पूरी तरह रोक लगा देना या बहुत ज्यादा कैलोरी घटा देना आम गलती है। यह अनुशासन जैसा लगता है, लेकिन इससे कम ऊर्जा, चिड़चिड़ापन, तेज भूख और आखिर में थकान हो सकती है। यह शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया है, कमजोर इच्छाशक्ति का संकेत नहीं।

लंबे समय तक ऐसा करने से हार्मोन, पाचन, त्वचा और बालों पर असर पड़ सकता है। कार्बोहाइड्रेट पूरी तरह छोड़ने की बजाय ब्राउन राइस जैसे विकल्प चुनें। मिठाई को पूरी तरह बंद करने के बजाय सीमित मात्रा में लें।

बिना ध्यान के खाना

टीवी देखते या मोबाइल चलाते समय खाने से भूख और तृप्ति के संकेत समझ नहीं आते। इससे जरूरत से ज्यादा खाना हो सकता है। धीरे-धीरे, स्वाद पर ध्यान देकर खाना बेहतर नियंत्रण देता है।

बाजार के “हेल्दी” स्नैक्स का भ्रम

प्रोटीन बार, ग्रेनोला या वेजी चिप्स अक्सर प्रोसेस्ड होते हैं और इनमें शक्कर या नमक ज्यादा हो सकता है। लेबल पढ़ना जरूरी है। घर के बने सरल विकल्प बेहतर हैं।

मात्रा का ध्यान न रखना

नट्स, ड्राई फ्रूट या पीनट बटर पौष्टिक हैं, लेकिन ज्यादा मात्रा में कैलोरी बढ़ा सकते हैं। स्नैक 150–250 कैलोरी तक सीमित रखें।

भोजन छोड़ना

नाश्ता छोड़ना या लंबे समय तक भूखे रहना बाद में ज्यादा खाने का कारण बन सकता है। दिन की शुरुआत प्रोटीन और फाइबर से करें।

निष्कर्ष

स्वस्थ स्नैकिंग के लिए सख्त नियम नहीं, बल्कि संतुलन, जागरूकता और सही विकल्प जरूरी हैं। सरल और व्यावहारिक आदतें ही असली स्वास्थ्य देती हैं।

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