किडनी खराब होने के संकेत: यूरिन के इन बदलावों को न करें नजरअंदाज

यूरिन में दिखने वाले छोटे बदलाव भी किडनी की सेहत के लिए बड़ा खतरा बना सकते हैं।

Update: 2026-01-08 09:15 GMT

नई दिल्ली– हमारी किडनी शरीर का सबसे अहम अंग है, जो बेकार पदार्थ और टॉक्सिन्स बाहर निकालने का काम करती है। अक्सर हम इसकी सेहत की अनदेखी कर देते हैं क्योंकि किडनी की खराबी धीरे-धीरे होती है और शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते।

किडनी की खराबी का सबसे आसान संकेत यूरिन में बदलाव है। पेशाब में झाग बनना सबसे आम चेतावनी है। जब किडनी सही तरीके से काम नहीं करती, तो प्रोटीन फिल्टर नहीं हो पाता और यूरिन में मिल जाता है। लगातार झाग दिखना किडनी के कमजोर फिल्टर सिस्टम का संकेत हो सकता है। हालांकि, कभी-कभी तेज एक्सरसाइज, बुखार या पानी की कमी की वजह से भी झाग बन सकता है, इसलिए सिर्फ झाग देखकर घबराना सही नहीं है।

यूरिन डिपस्टिक टेस्ट एक सरल शुरुआती स्क्रीनिंग तरीका है, जिसे घर पर भी किया जा सकता है। यह टेस्ट बताता है कि यूरिन में प्रोटीन है या नहीं, लेकिन प्रोटीन की मात्रा या एल्ब्यूमिन का सही स्तर नहीं दिखाता। यह टेस्ट खासकर डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इनमें किडनी डैमेज जल्दी हो सकता है।

किडनी की खराबी का पता यूरिन एल्बुमिन-क्रिएटिनाइन रेशियो (UACR) से भी लगाया जा सकता है। अगर यह लगातार ज्यादा दिखाई दे, पेशाब में झाग बढ़े, सूजन हो, प्रोटीन और क्रिएटिनाइन बढ़ रहे हों या ब्लड प्रेशर संतुलित न हो, तो इसे हल्के में न लें। ये संकेत हैं कि किडनी को तुरंत ध्यान की जरूरत है।

पेशाब में किसी भी बदलाव को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। झागदार पेशाब, रंग में बदलाव, खून या असामान्य गंध जैसी बातें शुरुआती चेतावनी हैं। समय पर डॉक्टर से मिलकर टेस्ट कराना जरूरी है।

किडनी की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पानी पिएं, संतुलित भोजन करें, अधिक नमक और तेल वाले खाने से बचें और नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं। (With inputs from IANS)

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