मेंटल हेल्थ में सुधार और सुसाइड को रोकना जरूरी, ऐसे संकेतों को पहचानें और जीवन बचाएं

आत्महत्या एक बेहद ही गंभीर समस्या है, जिसका गहरा संबंध आपके मेंटल हेल्थ से है.

Update: 2026-02-04 07:30 GMT

आत्महत्या एक गंभीर ग्लोबल समस्या है, जिसका गहरा संबंध मानसिक स्वास्थ्य से है. अवसाद (Depression), चिंता (Anxiety) और अन्य मानसिक विकार व्यक्ति को आत्मघाती विचारों की ओर धकेल सकते हैं. मैक्स हॉस्पिटल मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार विज्ञान, क्लिनिकल साइकोलॉजी की डॉ. आशिमा श्रीवास्तव बताती हैं कि इस परेशानी से कैसे निपटना चाहिए और इसके क्या-क्या उपाय है.वे बताती हैं कि इन कड़ियों को समझना इसलिए जरूरी है ताकि हम समय रहते चेतावनी संकेतों को पहचान सकें और अपनों की मदद कर सकें.

मानसिक विकार और जोखिम के फैक्टर

अवसाद (Depression)- यह व्यक्ति में लाचारी और जीवन के प्रति अरुचि पैदा करता है.

बाइपोलर डिसऑर्डर-मूड में भारी उतार-चढ़ाव, विशेष रूप से गहरे अवसाद के दौर में जोखिम बढ़ जाता है.

PTSD और ट्रॉमा-पुरानी दर्दनाक यादें और दुर्व्यवहार व्यक्ति को मानसिक रूप से तोड़ सकते हैं.

नशीले पदार्थों का सेवन-ड्रग्स और शराब का प्रभाव व्यक्ति को आक्रामक और आवेगी (Impulsive) बना देता है.

सांख्यिकी और सामाजिक प्रभाव (Statistics & Social Impact)

आत्महत्या केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि एक सामाजिक मुद्दा भी है. लिंग के आधार पर-ग्लोबल लेवल पर, पुरुषों में आत्महत्या की दर महिलाओं की तुलना में लगभग 3.5 गुना अधिक है. नस्लीय समूह (अमेरिका के संदर्भ में)-'अमेरिकन फाउंडेशन फॉर सुसाइड प्रिवेंशन' के अनुसार, सफेद गैर-हिस्पैनिक (White) आबादी में आत्महत्या की दर प्रति 1,00,000 व्यक्तियों पर लगभग 15.8 है, जबकि अश्वेत (Black) आबादी में यह 7.7 है. हालांकि, हाल के वर्षों में युवाओं और अल्पसंख्यक समूहों में इन आंकड़ों में तेजी से वृद्धि देखी गई है.

चेतावनी संकेतों को कैसे पहचानें?

मौखिक संकेत-"मेरे होने का क्या फायदा" या "सब मेरे बिना खुश रहेंगे" जैसी बातें करना.

व्यवहार में बदलाव-अचानक सामाजिक दूरी बना लेना या अपनी प्रिय चीजें दूसरों को दान कर देना.

मूड स्विंग्स-लंबे अवसाद के बाद अचानक शांत या खुश हो जाना (यह संकेत हो सकता है कि व्यक्ति ने आत्मघाती निर्णय ले लिया है).

बचाव और सहायता के उपाय

जल्द पहचान और उपचार-'कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी' (CBT) और सही दवाएं जोखिम को काफी कम कर सकती हैं. सपोर्ट नेटवर्क-दोस्तों और परिवार का भावनात्मक साथ एक 'सेफ्टी नेट' की तरह काम करता है. साधनों तक पहुंच कम करना-घातक वस्तुओं या दवाओं को सुरक्षित स्थान पर रखना. हेल्पलाइन का उपयोग-संकट के समय तुरंत हेल्पलाइन या काउंसलर से संपर्क करें.

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